शहर में जीएसटी की हेराफेरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग की जांच में पता चला कि एक बोगस फर्म पंजीकृत कराकर करीब चार करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की गई है। यह खुलासा ऑनलाइन पोर्टल की जांच के दौरान हुआ, जिसके बाद अफसरों ने भौतिक सत्यापन किया और फर्जी फर्म की पुष्टि हुई।
मामले में जीएसटी अधिकारियों की तहरीर पर रामगढ़ताल थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, फर्म का नाम अमन इंटरप्राइजेज है, जो जीडीए कांप्लेक्स शॉप नंबर चार के पते पर पंजीकृत कराई गई थी। जांच में पाया गया कि यह फर्म पूरी तरह से फर्जी है।
फर्म का पंजीकरण महाराजगंज जिले के आनंदनगर, उदितपुर निवासी रामकुमार के नाम से कराया गया था। फर्म ने सरिया, स्क्रैप और सीमेंट के व्यापार का दावा करते हुए रजिस्ट्रेशन कराया था। सहायक कमिश्नर (खंड-10) अभिषेक कुमार पांडेय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि अमन इंटरप्राइजेज ने जीएसटी के नियमों का दुरुपयोग करते हुए चार करोड़ सात लाख रुपये की हेराफेरी की है।
जब अधिकारियों ने फर्म का भौतिक सत्यापन किया तो पाया कि वहां कोई कारोबार संचालित ही नहीं हो रहा था। इस पर 13 जनवरी 2024 को फर्म का पंजीकरण निरस्त करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपी ने बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी की।
इस मामले में पुलिस ने रामकुमार को आरोपी बनाते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने कहा कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।