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Noida News: लंबी छुटियों पर आने का किया वादा, लेकिन घर पहुंची पार्थिव देह

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ठियोग के सैंज गांव पहुंचे एसएसबी जवान के अंतिम दर्शन करते ग्रामीण। संवाद
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मौत से एक दिन पहले फोन पर की बात, बरसात में परिवार और दोस्तों की सलामती का पूछा था हाल
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आखिरी बार रक्षाबंधन पर अपने गांव सैंज आए थे गोपाल सिंह

सुनील ग्रोवर

ठियोग (रामपुर बुशहर)। असम में एसएसबी में बतौर एएसआई तैनात गोपाल सिंह रक्षाबंधन पर्व पर आखिर बार अपने गांव सैंज छुट्टी पर आए थे। ड्यूटी के लिए लौटते वक्त परिजनों से जल्द ही लंबी छुट्टियों पर आने का वादा किया था, लेकिन तीन महीने बाद देश की रक्षा में तैनात जवान की पार्थिव देह पहुंची, तो गांव में मातम पसर गया। रक्षाबंधन पर जब वह घर आए थे, तो तीनों बहनें अपने मायके से खुशी-खुशी अपने भाई को राखी बांधने के लिए पहुंची थीं। गोपाल भी उनके लिए तोहफे लेकर आया था। चंद दिनों की छुट्टी खत्म करके 21 अगस्त को गोपाल वापस असम चला गया था। बहनों को क्या पता था कि इस बार रक्षाबंधन पर उन्होंने अपने भाई की कलाई पर आखिरी बार राखी बांधी थी। वापस जाते हुए सभी परिवार वाले खुश थे। गोपाल ने जल्द ही लंबी छुट्टियों पर आने का वादा किया था। गोपाल छुट्टियों पर आते थे, तो अपने पैतृक मकान के नवनिर्माण की बात अपने बेटे से करते रहते थे। गोपाल शनिवार को इस दुनिया से विदा हो गए। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने वीडियो काल पर परिजनों से लंबी बात की थी। इस दौरान उन्होंने सभी परिवार और मित्रों का हालचाल पूछा था। बारिश से हो रहे नुकसान की खबरों से गोपाल परिवार की सलामती की चिंता करते थे। शनिवार को गोपाल की पत्नी द्रुपदा को करीब साढ़े दस बजे उनकी यूनिट से फोन आया कि गोपाल को चक्कर आया है और उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है। दिनभर परिवार गोपाल की सलामती की दुआ मांगते रहे, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। शाम पांच बजे यूनिट से गोपाल के इस दुनिया से चले जाने की खबर मिली। खबर मिलते ही परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि गांव में गोपाल सिंह की स्मृति में एक स्मारक बनाया जाए। संवाद
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