सेक्टर 45 स्थित रॉयल रेजिडेंसी सीजीएचएस सोसाइटी के 48 परिवार बने मिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-45 स्थित रॉयल रेजिडेंसी सीजीएचएस सोसाइटी के लोगों ने एक पेड़ को अपनी सूझ बूझ से बचाया है। शहर में विकास के नाम पर सैकड़ों पेड़ों को काट दिया जाता है, ऐसे हालात में इस सोसाइटी में रहने वाले 48 परिवारों ने एक नजीर पेश की है। उन्होंने अपने सोसाइटी की चारदीवारी के पास मंदिर के दायरे में आने वाले पीपल के पेड़ को एक खास तरीके को अपना कर बचा लिया है। इसके अलावा भी सोसाइटी के निवासियों ने सोसाइटी की खाली जगहों और आस-पास के स्थानों पर काफी संख्या में पेड़ लगाए है। यह इलाका दूर से अपने आप में एक हरे- भरे जंगल की तरह नजर आता है। लोग हर साल यहां पेड़ लगाते हैं। पहले से लगे पेड़ काफी बड़े हो चुके हैं।
शहर की यह ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी काफी छोटी है। इसके 2 ब्लॉक में कुल 48 फ्लैट हैं। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष जय सिंह हुड्डा बताते है कि हमने सोसाइटी में एक मंदिर बनाने की योजना बनाई। यहां आस-पास कोई मंदिर नहीं था। लोगों को दूर दराज पूजा के लिए जाना पड़ता था मंदिर के लिए जो जगह तय हुई वहां पहले ही एक पीपल का पेड़ था। हिंदू धर्म की मान्यताओं में पीपल का पेड़ काटना वैसे भी वर्जित है। हम लोग उसकी पूजा करते है।
तब तय हुआ कि कोई ऐसा आर्किटेक्ट बुलाया जाए जो मंदिर को इस तरह डिजाइन करे कि पेड़ को काटने की जरूरत न हो। फिर हमने एक ऐसे ही आर्किटेक्ट को बुलाया, उन्होंने पेड़ के तने के लिए मंदिर की छत पर जगह बना दी और मंदिर की ढलाई इस तरह की गई कि पेड़ के पत्ते को भी नुकसान न हो। दो बड़े तने मंदिर की छत से बाहर निकले हैं। करीब तीन साल पहले यह कार्य हुआ अब पेड़ और बड़ा हो गया है। उसकी छांव मंदिर को भी मिल रही है। यहां आस-पास के लोगों को इस तरीके को अपनाने से सीख मिली है।
सोसाइटी के लोग हर साल मानसून में सोसाइटी के भीतर और बाहर पौधरोपण करते हैं। सोसाइटी की बाउंड्री एक तरह से पेड़ों से आच्छादित है। शुरु से कैंपस में पेड़ लगाए जाने लगे थे, इस कारण सोसाइटी के चारों ओर हरियाली है। तरह-तरह के पक्षी यहां आते हैं। जिन लोगों के घरों या परिसर में निर्माण के दायरे में पेड़ आते हैं, वे हमलोगों से सीख लेकर उसे बचाने का प्रयास करते हैं।