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Noida News: जीएमडीए ने बिना अनुमति के काटे 850 पेड़, वन विभाग ने थमाया नोटिस

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सेक्टर-102-103 की मुख्य सड़क की सर्विस लेन के लिए काटे गए पेड़
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने सेक्टर-102 से सेक्टर-103 की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे पर लगे 850 से अधिक पेड़ वन विभाग से बिना अनुमति लिए काट दिए। वन विभाग को इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने दी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने जीएमडीए के कनिष्ठ अभियंता सुमित चाहल को नोटिस देकर जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि वन विभाग जल्द ही इस मामले में अदालत का रुख कर सकता है।
वन विभाग की तरफ से जांच करने के बाद सामने आया है कि विलायती कीकर पेड़ के 864 पेड़ काटे गए। इसमें 122 पेड़ पूरी तरह से विकसित थे और 742 पौधे थे। जीएमडीए ने इन्हें सर्विस लेन के लिए रास्ता बनाने के लिए बृहस्पतिवार को उखाड़ दिया था। बताया जा रहा है कि सर्विस लेने बनाने के लिए 7.35 करोड़ रुपये की लागत आनी है। इससे पहले इसी तरह के चालान नगर निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को जारी किए गए थे। एनएचएआई ने हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग-352 डब्ल्यू के निर्माण के लिए बिना अनुमति के 98 पेड़ों को काट दिया था, जबकि बंधवारी ठोस अपशिष्ट के पास स्थित लगभग दो एकड़ में सैकड़ों कीकर पेड़ों को काटने के लिए एमसी का चालान किया गया था।
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क्या कहता है नियम
पेड़ पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए) की धारा 4 के तहत संरक्षित हैं। किसी भी सरकारी एजेंसी को वन क्षेत्र में पेड़ काटने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। संबंधित एजेंसी को कटे हुए वृक्षों का 10 गुना प्रतिपूरक वनीकरण करना होगा। पेड़ों को काटने से पहले वनीकरण के लिए भूमि की जानकारी और पहचान करनी होती है।
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अभी इस मामले में विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसके साथ ही सर्विस लेन बनाने वाली कंपनी को भी नोटिस दिया जा सकता है। -कर्मवीर मलिक, रेंज अधिकारी, वन विभाग
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