नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पद्मश्री परेश मैती की 100 फुट लंबी पेंटिंग ‘आकृति’ स्थापित की गई है। इसमें काशी, ताजमहल, सांची, अयोध्या और महाकुंभ जैसे स्थलों के जरिए भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाया गया है।
नोएडा इंटरनेशनल हवाई अड्डे के टर्मिनल पर यात्रियों को प्रख्यात शिल्पकार और चित्रकार पद्मश्री परेश मैती की पेंटिंग 'आकृति' भारतीय संस्कृति का परिचय कराएगी। कॉरिडोर पर 100 फुट लंबी और 8 फुट चौड़ी अपनी छह चित्रों के संयोजन वाली इस पेंटिंग से भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाया गया है। 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा एयरपोर्ट के साथ-साथ इस पेंटिंग का भी अनावरण किया था।
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एयरपोर्ट पर भारतीय संस्कृति की पूरी झलक मिले इसके लिए परेश मैती को जिम्मा सौंपा गया था। उनके चित्रों में भारतीयता और समकालीन कला का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है। विशाल कैनवास (जैसे 30-40 फीट) और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध परेश मैती ने उत्तर भारत की संस्कृति को दर्शाने के लिए छह स्थलों का चयन किया।
पेंटिंग में जलरंग (वाटरकलर) के साथ-साथ तेल और एक्रिलिक चित्रों का उपयोग करते हुए छह प्रसिद्ध स्थलों के चित्रों को संयोजित किया गया है। इनमें काशी पर यमुना घाट का विहंगम दृश्य प्रस्तुत किया है। दूसरे में सांची के स्तूप को दर्शाया है। तीसरे में यमुना किनारे खड़ा ताजमहल है। मथुरा-वृंदावन नगरी और सरयू किनारे बसी भगवान राम की