नूंह के कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सामने बस से उतरतीं छात्राएं
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नूंह। जिला प्रशासन ने जिले में छात्राओं को घर से स्कूल ले जाने और घर छोड़ने के लिए फिर से बालिका वाहिनी बसें शुरू कर दी हैं। इससे छात्राओं और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। बालिका वाहिनी बसें बंद होने से छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद अमर उजाला ने ‘बसें बंद होने से स्कूल छोड़ने को मजबूर बेटियां’ शीर्षक से इस खबर को 18 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों ने इस खबर को संज्ञान में लिया और बालिका वाहिनी बसें फिर से शुरू कर दीं।
छात्रा तराना, रूकैया, तारिफा, मुनशीदा, मैनाज, कश्मीना और फरमीना आदि ने बताया कि 14 दिसंबर से बालिका वाहिनी बसें बंद हो गई थी। इस कारण स्कूल जाने और घर आने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस दौरान काफी छात्राओं ने यातायात सुविधा न होने के कारण स्कूल आना बंद कर दिया था। लेकिन, अब बसें शुरू होने से काफी राहत मिल गई है। वहीं, अभिभावक अख्तर सरपंच, हाशिम, इस्माइल, असगर, अतरा, जफरू, रमजान और यामीन ने अमर उजाला का आभार जताया।