निजी अस्पताल ने कोरोना का अंदेशा जता मरीज की कर दी छुट्टी
ग्रेटर नोएडा। एक निजी अस्पताल और राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के स्टॉफ की लापरवाही एक मरीज को खासी भारी पड़ी। कोरोना का अंदेशा जताते हुए निजी अस्पताल ने एक मरीज की छुट्टी कर दी। मरीज बुधवार रात 10 बजे तक जिम्स में ही भटकता रहा। आरोप है कि जिम्स के चिकित्सकों ने सैंपल लेने से भी साफ मना कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के एक गांव निवासी सुमित ने बताया कि छह मार्च को वह मंदिर में दर्शन करने गया था। वहां देश-विदेश के काफी लोग मौजूद थे। वहां से लौटने पर टाइफाइड और तेज बुखार हो गया। इसके बाद 16 मार्च को ग्रेटर नोएडा के एक नामी अस्पताल में भर्ती हो गया। 18 मार्च को निजी अस्पताल के चिकित्सक ने कहा कि कोरोना होने की संभावना है। कासना के सरकारी अस्पताल में जाकर जांच और इलाज कराओ। सुमित का आरोप है कि बुधवार शाम करीब सवा पांच बजे वह जिम्स पहुंचे। जिम्स के स्टाफ ने बताया कि सैंपल और भर्ती करने वाला स्टाफ चला गया है। अब किसी को भर्ती नहीं किया जा सकता। सुमित का आरोप है कि उसके बाद निजी अस्पताल को कॉल कर जानकारी दी तो उन्होंने भी भर्ती करने से साफ मना कर दिया। सुमित ने पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। सुमित जिम्स अस्पताल में भर्ती होने के लिए बुधवार रात 10 बजे तक चक्कर ही काटता रहा, जबकि वहां मौजूद स्टाफ ने किसी भी कार्रवाई से इंकार कर दिया।
घर जाने पर डर जाएंगे लोग
सुमित ने बताया कि उसे बुखार, खांसी की शिकायत है। जिम्स से वह बिना इलाज के भी घर जा सकता है, लेकिन परिवार वाले कोरोना का नाम सुनकर ही डर जाएंगे। इसलिए घर नहीं गया। सुमित का आरोप है कि निजी और सरकारी तंत्र से उसे कोई मदद नहीं मिल रही है।
निजी अस्पताल को इस तरह से मरीज को नहीं भेजना चाहिए। अस्पताल में देर शाम किसी संदिग्ध मरीज का सैंपल नहीं लिया जा सकता है। गुरुवार को सुबह सैंपल लिया जाएगा।
बिग्रेडियर डॉक्टर राकेश गुप्ता, निदेशक, जिम्स