लैपटॉप नहीं देने पर कंपनी को ब्याज समेत लौटाने होंगे 55 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने इनफिनिटी रिटेल लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। कंपनी को दो लैपटॉप के नाम पर रकम लेकर डिलीवरी न करने का दोषी पाया। आयोग ने कंपनी को 55,433 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। नोएडा के नीरज कुमार ने 24 सितंबर 2022 को क्रोमा से एक लैपटॉप ऑर्डर किया था। उन्होंने 34,990 रुपये का भुगतान क्रेडिट कार्ड से किया। उन्हें एचपी कंपनी का इस्तेमाल किया हुआ और खरोंच वाला लैपटॉप मिला। उन्होंने लैपटॉप लौटाने का अनुरोध किया, पर कंपनी ने एक महीने तक संपर्क नहीं किया। बाद में रकम वापसी का पता चला, लेकिन लैपटॉप वापस नहीं लिया गया था। जून 2023 में कंपनी को इस अधूरी प्रक्रिया का पता चला। क्रोमा सेंटर के राहुल और हिमांशु ने नीरज से संपर्क किया और लैपटॉप वापस ले जाने पर सहमति बनी।
20 जून 2023 को नीरज ने अपने भाई के लिए एक और एचपी लैपटॉप ऑर्डर किया। यह लैपटॉप उनके पते के बजाय क्रोमा सेंटर पहुंचा दिया गया। कंपनी ने उन्हें संदेश भेजकर बताया कि लैपटॉप 27 जून 2023 को डिलीवर हो गया है। नीरज ने आरोप लगाया कि पुराने लैपटॉप की वापसी के बाद ही नया लैपटॉप देने की बात थी।
पुराने लैपटॉप को रियायती दर पर देने के नाम पर 14 हजार रुपये नकद और 13,943 रुपये के कूपन लिए गए। लेकिन उन्हें नया लैपटॉप नहीं मिला। इस प्रकार दोनों लैपटॉप से जुड़ी कुल 55,433 रुपये की रकम कंपनी के पास बकाया रही। नीरज कुमार ने रकम वापस न मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने मानसिक संताप के लिए पांच हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में एक हजार रुपये भी देने का आदेश दिया। यह राशि 30 दिन के भीतर अदा करनी होगी। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की।