जिले में हजारों कंपनियां व फैक्ट्रियां हैं। ऐसे में बीटेक, एमबीए, बीबीए, एमसीए समेत अन्य तरह के कोर्स करने वाले युवक-युवतियां ऑनलाइन साइट पर बायोडाटा अपडेट करते रहते हैं। इन्हीं वेबसाइट से ठग मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी से लेकर अन्य तरह की जानकारी लेते हैं और संपर्क कर ठग लेते हैं।
नोएडा के सेक्टर-117 निवासी एक युवती को वर्क फ्रॉम होम का ऑफर देकर साइबर जालसाजों ने 1.77 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को एचआर मैनेजर बताकर वारदात अंजाम दी। इस तरह की जालसाजी नोएडा में लगातार हो रही है। ऑनलाइन ऑफर देकर बेरोजगार युवक-युवतियों को झांसे में लेकर ठग लगातार कमाई कर रहे हैं।
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जिले में हजारों कंपनियां व फैक्ट्रियां हैं। ऐसे में बीटेक, एमबीए, बीबीए, एमसीए समेत अन्य तरह के कोर्स करने वाले युवक-युवतियां ऑनलाइन साइट पर बायोडाटा अपडेट करते रहते हैं। इन्हीं वेबसाइट से ठग मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी से लेकर अन्य तरह की जानकारी लेते हैं और संपर्क कर ठग लेते हैं।
यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि साइबर ठग युवक-युवतियों से फर्जी फार्म भरवाने के दौरान ही रजिस्ट्रेशन व अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ऑनलाइन मंगवा लेते हैं। इस तरह की शिकायतें नोएडा-ग्रेनो से अधिक मिलती हैं। बुधवार को ही कोतवाली सेक्टर-113 में राधेश्याम अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी बेटी के साथ घर बैठे नौकरी दिलाने के नाम पर 1.77 लाख रुपये ठग लिए गए।
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ठगों ने झांसे में लेने के बाद रजिस्ट्रेशन के नाम पर बेटी के पास एक लिंक भेजा और इसमें करियर संबंधी जानकारी और दो हजार रुपये देने के लिए कहा। जैसे ही युवती ने लिंक पर क्लिक किया तो खाते से रकम निकल गई।
ऐसे करते हैं धोखाधड़ी
साइबर ठग ऑनलाइन जॉब पोर्टल पर शिकार ढूंढते हैं और वहां से बेरोजगार युवक-युवतियों की जानकारी लेते हैं। इसके लिए साइट से नौकरी तलाशने वालों की प्रोफाइल निकाली जाती है। इन सभी को बल्क में एसएमएस भेजा जाता है। फ्रॉड करने वाले खुद को जॉब कंसलटेंट बताते हैं और फर्जी वेबसाइट व दफ्तर की जानकारी देते हैं। फिर लोगों से वॉलेट या बैंक ट्रांसफर के जरिये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवाते हैं। ऑनलाइन या टेलीफोन से इंटरव्यू किया जाता है और फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर भेजा जाता है।