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ग्रेटर नोएडा: रामपुर में अधिवक्ता की हत्या पर गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन का रोष, मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग

Fri, 13 Feb 2026 11:58 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन देकर मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 1.5 करोड़ रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है।
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अधिवक्ता की हत्या पर गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन का रोष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामपुर में अधिवक्ता फारुक अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर भी समर्थन में उतर आई है। संगठन की ओर से बैठक कर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। 

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संगठन के अध्यक्ष मनोज भाटी (बोड़ाकी) ने बताया कि घटना न केवल अत्यंत हृदयविदारक है। बल्कि संपूर्ण अधिवक्ता समाज की सुरक्षा एवं सम्मान पर सीधा प्रहार है। दिनदहाड़े एक अधिवक्ता की हत्या कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है। बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर इस नृशंस हत्या की घोर भर्त्सना एवं निंदा करता है। जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन देकर मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 1.5 करोड़ रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई है। 

अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित कर कठोरतम दंड दिलाने की मांग भी की। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक अधिवक्ता समाज का आक्रोश शांत नहीं होगा। अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के चलते अधिवक्ता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में एक सशक्त कानून की आवश्यकता है जो अधिवक्ताओं की सुरक्षा की गारंटी दे सके। अधिवक्ता समाज न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। 
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सचिव शोभाराम चन्दीला एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता समाज अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। अधिवक्ताओं की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। केन्द्रीय संघर्ष समिति, हाईकोर्ट बेंच स्थापना, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान तथा बार एसोसिएशन रामपुर के समर्थन में गुरुवार को अधिवक्ता न्यायालयों में उपस्थित नहीं हुए। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराया। 

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