एमओयू से पहले मोनाश विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने जीबीयू की सुविधाओं को परखा था। उन्हें यहां की एआई लैब काफी पसंद आई। जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने बताया कि मोनाश विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ सफल बातचीत कैंपस में हुई। उन्होंने पूरा सहयोग करने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में संयुक्त रूप से बैचलर प्रोग्राम, मास्टर प्रोग्राम और रिसर्च पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संयुक्त प्रोग्राम के तहत छात्र दो साल जीबीयू में और दो साल मोनाश विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि जीबीयू के छात्रों को वैश्विक मंच मिलने से उनके विकास को पहचान मिलेगी।
विश्वविद्यालय होगा सहयोग का केंद्र
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मोनाश विवि से साझेदारी का केंद्र गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय होगा, जो इसे धरातल पर उतारने में भूमिका निभाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति को जिम्मेदारी दी है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी शिक्षा तंत्र में गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक दृष्टिकोण का समावेश करेगी और युवाओं को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार भी करेगी। छात्रों को विभिन्न कौशल से भी जोड़ा जाएगा।
मोनाश विश्वविद्यालय में पढ़ रहे 84 हजार छात्र
कुलपति ने बताया कि मोनाश विश्वविद्यालय में फिलहाल 84 हजार से अधिक छात्र हैं। अनुसंधान क्षेत्र में विश्वविद्यालय के नाम कई उपलब्धियां हैं। उन्होंने बताया कि यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नए शैक्षणिक और सांस्कृतिक आयाम पर ले जाएगा। जीबीयू के छात्रों को शोध में काफी मदद मिलेगी।