जनपद में मौजूद हैं 96 सीटें, पिछले साल मिले थे दो हजार से अधिक आवेदन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) में आवेदन के मामले में गौतमबुद्ध नगर की स्थिति मेरठ मंडल के अन्य जिलों की तुलना में सबसे कमजोर बनी हुई है। 18 अगस्त से शुरु हुई प्रकिया में जिले से अब तक केवल 24 छात्रों ने आवेदन किया है। मंडल के छह जिलों में यह सबसे कम संख्या है। जबकि जनपद में 96 सीटें हैं। सीट से भी कम आवेदन अब तक विभाग को मिले हैं। कम आवेदन को लेकर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने चिंता जताई है। डायट का कहना है कि बीएसए विभाग का लापरवाही के कारण आवेदन कम आ रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों को यदि विभाग की ओर से निर्देश मिले तो आवेदन में तेजी लाई जा सकती है। पिछले साल करीब दो हजार से अधिक आवेदन मिले थे।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार मेरठ मंडल में बुलंदशहर से सबसे अधिक 64 आवेदन आए हैं। इसके बाद बागपत और हापुड़ में 40-40, मेरठ में 31 और गाजियाबाद में 27 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। बता दें, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद करती है। परीक्षा के माध्यम से चयनित छात्रों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिससे कक्षा आठ के बाद उनकी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक परेशानी बाधा न बने। ऐसे में आवेदन कम होना विभाग के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
स्कूलों से पात्र छात्रों की पहचान के निर्देश
शिक्षा विभाग का सहयोग नहीं मिलने के कारण प्रकिया गड़बड़ा रही है। परीक्षा के नोडल राजेश खन्ना का कहना है कि सभी एसआरजी व एआरपी से कहा जा रहा है कि अधिक से अधिक छात्रों का आवेदन कराएं, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। शिक्षकों से कहा जा रहा है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों की पहचान जल्द से जल्द करें।