नोएडा। सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया एम्स ग्लोरी सोसाइटी इंटरिम रिज्यॉल्यूशन (आईआरपी) प्रक्रिया से बाहर रह सकती है। सोसाइटी के बिल्डर की ओर से नेशनल बिल्डिंग कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में लगाई गई याचिका वापस लेने पर विचार किया जा रहा है। 21 अगस्त को इस संबंध में बिल्डर की ओर से हलफनामा दाखिल किया जा सकता है।
एओए सचिव पुनीत धनखड़ ने बताया कि बिल्डर ने सोसाइटी के काम अधूरे छोड़ दिए हैं और एनसीएलटी में जाने की तैयारी कर रहा था। एओए ने भी एनसीएलटी में अपना पक्ष रखने के लिए याचिका दायर की थी। इस संबंध में पांच अगस्त को पहली सुनवाई हुई। लेकिन इसमें बिल्डर की ओर से अपनी याचिका वापस लेने की बात कही गई है। यदि बिल्डर अपनी याचिका वापस ले लेता है तो एनसीएलटी में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी और सोसाइटी आईआरपी प्रक्रिया से सुरक्षित रहेगी। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को हो सकती है। ब्यूरो