ग्रेटर नोएडा। सरकारी या प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कमेटी कार्रवाई करेगी। कमेटी जमीन से न सिर्फ अतिक्रमण हटवाएगी, बल्कि कब्जा करने वालों से वसूली भी करेगी। साथ ही, आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाएगी। प्राधिकरण के सीईओ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर दो दिन में विभिन्न जगहों पर किए कब्जों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे सभी लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शुक्रवार शाम को अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देशित किया कि दो दिन में कब्जा करने वालों की सूची तैयार करें। इसके तहत प्रशासन से आरोपियों को भूमाफिया घोषित कराया जाएगा। साथ ही, उनके द्वारा बेची गई सरकारी जमीन पर कितने साल से कब्जा कर रहा है, उसकी वसूली भी होगी। उन्होंने सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों को क्षेत्र में कब्जा करने वालों का ब्योरा तैयार करने के लिए कहा। दो दिन में प्रशासन और पुलिस के सहयोग से अतिक्रमण हटा देंगे।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि किसी सूची से नाम गायब मिला तो अधिकारी का नाम भी उसी के साथ भूमाफिया की सूची में डाल दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी से भी कमेटी बनाने के लिए अधिकारियों के नाम मांगे हैं। पुलिस कमिश्नर की ओर से फोर्स की कमी न होने का आश्वासन दिया गया है। बैठक में एसीईओ दीप चंद्र व एसीईओ अमनदीप डुली, ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी सचिन कुमार सिंह, जीएम प्रोजेक्ट एके अरोड़ा, जीएम नियोजन मीना भार्गव, जीएम संपत्ति आरके देव, डीजीएम सीके त्रिपाठी, ओएसडी संतोष कुमार सिंह, आदि मौजूद रहे।
भूमाफिया पर कार्रवाई
भूमाफिया पर पुलिस की ओर से आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई होती है। इसके अलावा भूमाफिया घोषित होने के बाद उसे व परिवार को काली सूची में डाल दिया जाता है। ऐसे में इन्हें सरकारी सुविधाएं नहीं मिलतीं। भले ही ठेकेदारी का लाइसेंस ही क्यों न प्राप्त हो।