लॉक तोड़ चुराते थे कार, कोर्डवर्ड से करते थे बिक्री
ग्रेटर नोएडा। बादलपुर थाना पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर कई वारदात का खुलासा किया है। आरोपियों में एक पूर्व ग्राम प्रधान है और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ चुका है। वह 16 वर्ष से वाहन चोरी कर रहा था। गिरोह के बदमाश किसी वाहन के पास अपनी कार खड़ी कर लॉक तोड़कर चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए वाहनों को संभल, बुलंदशहर और मेरठ के कबाड़ियों को कोडवर्ड से बात कर बेच दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 कार, 82 चाबियां, नंबर प्लेट व अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह अब तक सैकड़ों वाहनों की चोरी कर चुका है।
आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी मुस्तकीम, नेपाल सिंह उर्फ बिल्लू, संभल निवासी भूरा उर्फ गुलजार और मेरठ निवासी अफजल के रूप में हुई है। इनमें से मुस्तकीम ग्राम प्रधान रह चुका है। साथ ही ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ चुका है। पुलिस का दावा है वह बीते 16 वर्षों से वाहन चोरी कर रहा था। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि शुक्रवार रात बादलपुर कोतवाली और एएसटी टीम ने रोजा जलालपुर फाटक के पास से चार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी अफजल भागते समय गिरकर घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपियों में मुस्तकीम और नेपाल सिंह उर्फ बिल्लू कार से घूमकर सुनसान स्थान या ऐसे स्थानों पर रेकी करते थे। जहां पर गाड़ियां पार्क की जाती थीं। वह ऐसे स्थानों पर वारदात करते थे जहां कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं रहता था। ऐसी जगह पर अपनी कार को किसी वाहन के बराबर खड़ी कर औजार की मदद से लॉक तोड़ देते थे। आरोपियों के कब्जे व निशानदेही पर होंडा इमेज, वैगनआर, ऑल्टो, सैंट्रो व स्कॉर्पियो बरामद की गई हैं। कार खरीदने वाले कबाड़ियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभल, बुलंदशहर और मेरठ में दबिश दी जा रही है।
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नई कार को कहते थे ‘बुलबुल’ और नई एसयूवी को ‘बम’
एसएसपी ने बताया कि बदमाश कबाड़ियों से सौदा करते समय नई एसयूवी के लिए ‘बम’ और नई कार के लिए ‘बुलबुल’ कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुरानी गाड़ी को ‘खुलने लायक’ बोला जाता था। वहीं, जिस कार की कंडीशन काफी अच्छी होती थी और जिसे इंजन या चेसिस बदलकर बेचा जा सकता था। उनके ‘बिस्कुट की व्यवस्था’ करनी होगी कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था।
20 से 30 हजार में करते थे नए वाहनों का सौदा
गिरोह के बदमाश नए से नए वाहनों का सौदा 20 से 30 हजार रुपये में करते थे। पकड़े गए बदमाशों में भूरा वाहन चोरी के साथ कबाड़ी का भी काम करता है।