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Jewar Airport: 2024 से पहले चरण में यात्रियों को मिलने लगेगी सुविधा, रेड्डी बोले- दिल्ली एयरपोर्ट का घटेगा बोझ

Thu, 16 Feb 2023 09:44 AM IST
अभिषेक वर्मा सीमा शर्मा, अमर उजाला, नोएडा

सार


केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा है कि 2024 तक 220 एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य है। जहां से यात्रियों को छोटे-छोटे रूट पर सुविधा मिलेगी। डिफेंस ने 119 कंडिशनल रूट को भी मंजूरी दी है। चीन, यूके के बाद भारत तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार है। 
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जेवर एयरपोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत की खबर है कि अगले साल से उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट लेने के लिए तीन से चार घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचने की मजबूरी नहीं होगी। ग्रेटर नोएडा में बनने वाला जेवर एयरपोर्ट का पहला फेस  2024 से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान के लिए शुरू हो जाएगा। इससे अगले साल से दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में शुमार दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रियों का बोझ कम हो जाएगा। 

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खास बात यह है कि चीन, यूके के बाद भारत डोमेस्टिक वर्ग में तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन गया है। दिल्ली एयरपोर्ट से हर साल 36 करोड़ से अधिक यात्री सफर करते है। वर्ष 2014 में डोमेस्टिक पेसेंजर की संख्या 60 मिलियन थी, जोकि 2020 में कोविड 19 से पहले तक 143 मिलियन तक पहुंच गयी थी। इसी तरह पिछड़े आठ सालों में विदेशी यात्रियों की संख्या 23 मिलियन से बढ़कर 35 मिलियन तक पहुंच गयी है।

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि जी -20 बैठकों और अन्य कारकों के कारण इस साल हवाई यात्रियों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है। पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए हवाई सफर सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार विमान की एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल) गतिविधियों के लिए देश को हब बनाने का भी प्रयास कर रही है। इसी कारण परिचालन उड़ान मार्गों की संख्या के साथ-साथ हवाई अड्डों की संख्या भी बढ़ा रही है।

टियर 2 और टियर 3 शहरों को क्नेक्टिविटी में सुधार होगा:

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टियर 2 और टियर 3 यानी छोटे शहरों के यात्रियों को सस्ती और छोटी हवाई सफर की सुविधा देने पर काम हो रहा है। इसीलिए वर्ष 2024 तक 220 एयरपोर्ट करने का लक्ष्य है। वर्ष 2014 में 74 एयरपोर्ट थे, जोकि आठ साल में 147 हो चुके हैं। डिफेंस ने भी 119 कंडिशनल रूट को मंजूरी दे दी है। इससे छोटे शहरों में हवाई जहाज की कनेक्टिविटी में सुधार और लंबी यात्राओं से छुटकारा मिलेगा। इससे यात्रियों के समय की बचत होगी।

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वहीं, क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत का अब तक 2,360 करोड़ रुपये की राशि वायबिलिटी गैप फंडिंग के रूप में दी गई है। फिलहाल, 73 एयरपोर्ट पर 460 उड़ान रूट चल रहे हैं। वहीं, 12 फरवरी को, घरेलू हवाई यात्री यातायात 2,935 उड़ानों पर 4,37,800 पर पहुंच गया है। देश में अंतर्राष्ट्रीय मानकों व गुणवत्ता युक्त कर्मिशियल पायलट की ट्रेनिंग संस्थान खोले जा रहे हैं।

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