एसआई रमेश की चिता को पुष्प अर्पित करते पुलिस अधिकारी।
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हिसार। पुलिस राजकीय सम्मान के साथ एसआई रमेश कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे कर उनको सम्मान दिया। मातमी धुन बजाकर अंतिम विदाई दी। पिता को आखिरी विदाई देते समय से बेटे विनायक की आंखों से आंसू छलक आए। एसआई रमेश के अंतिम संस्कार में पूरे शहर भर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
एसआई रमेश की मौत के बाद वीरवार को पूरे क्षेत्र में खामोशी रही। अंतिम संस्कार से लौट रहे लोग भी एसआई रमेश की ईमानदारी को याद कर रहे थे। एसआई रमेश अपने 100 गज के पैतृक मकान में ही रह रहे थे। उनके बच्चे सेक्टर में मकान लेने की बात करते तो रमेश अक्सर मना कर देते थे। वह कहते थे कि इन गलियों में ही मेरा बचपन बीता इनको छोड़ कर कैसे जाऊं। मैं तो रिटायरमेंट के बाद भी यहां पर ही रहूंगा। अपने बेटे को कहते थे आपका मन करे तो कहीं पर भी मकान ले लेना। मैं तो अपना घर छोड़ कर नहीं जाऊंगा। इसी मकान से मेरी सारी याद जुड़ी हैं। रिटायरमेंट के बाद पूरे परिवार को यात्रा पर लेकर जाऊंगा। पिछले सप्ताह ही एसआई रमेश ने एक महीने की छुट्टी मंजूर कराई थी।