ओखला में 426 करोड़ की लागत से बनने वाला एकीकृत कैंपस एक साल से ठप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटेक्निक का ओखला में प्रस्तावित एकीकृत कैंपस अधर में लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस परियोजना को फिर से शुरू करने के लिए सरकार से फंड की मांग की है।
करीब 22 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस कैंपस की अनुमानित लागत लगभग 426 करोड़ रुपये है। परियोजना को 2019 में स्वीकृति मिली थी और निर्माण कार्य 2024 में शुरू किया गया था लेकिन पर्याप्त फंड की कमी और पेड़ों की कटाई की अनुमति दोबारा मिलने में देरी से पिछले साल से काम ठप है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद किसी भी परियोजना में 50 से अधिक पेड़ काटने के लिए मंजूरी जरूरी है। विभाग को पहले 2021 में वन विभाग और वृक्ष अधिकारी से अनुमति मिल चुकी थी लेकिन अब उस अनुमति की फिर से मान्यता करानी पड़ रही है। परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बड़ा कैंपस विकसित किया जाना है जिसमें प्रशासनिक ब्लॉक, दो शैक्षणिक भवन, 10 मंजिला छात्रावास, कार्यशालाएं और गतिविधि केंद्र शामिल होंगे।
साथ ही, कैंपस में सौर ऊर्जा संयंत्र, अग्निशमन प्रणाली, जल निकासी व्यवस्था और 16 यात्री लिफ्ट लगाने की योजना भी है। पहले चरण में छह मंजिला प्रशासनिक ब्लॉक और आठ-आठ मंजिल वाले दो शैक्षणिक ब्लॉक बनाए जाने हैं। दूसरे चरण में बाकी इमारतों और छात्र आवासों का निर्माण होगा। बजट स्वीकृत होते ही काम फिर से शुरू किया जा सकता है।