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Noida News: मौत का राज रहा बरकरार, सात साल बाद दोनों आरोपी बरी

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- अदालत ने कहा कि पहचान साबित नहीं कर सका अभियोजन, सात साल बाद आया फैसला
- चश्मदीद पक्षद्रोही हुए, कोर्ट ने कहा, गोली लगने से मौत साबित, गोली किसने चलाई यह संदेह से परे नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एच्छर गांव में बीयर शॉप पर सैल्समैन की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित की अदालत ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने सुलेन्द्र उर्फ रमेश और राजकुमार उर्फ राजू पहलवान उर्फ राजू गुर्जर को आरोपों से बरी किया।
अभियोजन के अनुसार 27 मार्च 2019 की रात गांव एच्छर में चढ्ढा ग्रुप की बीयर शॉप पर फायरिंग हुई थी। इसमें शॉप पर काम करने वाले कुलदीप नागर को दो गोलियां लगीं और उसकी मौत हो गई थी। चाचा रोहताश सिंह की तहरीर पर कासना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तहरीर में आरोप था कि 19 मार्च की रात दुकान बंद होने पर बीयर देने से मना करने पर सुलेन्द्र ने साथियों संग मारपीट की थी। इसी रंजिश में उसने राजू गुर्जर और एक अन्य के साथ आकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी।
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आरोपी सुलेन्द्र की ओर से अधिवक्ता जितेन्द्र नागर ने पैरवी की। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पूरा मामला कथित चश्मदीदों पर टिका है। किसी स्वतंत्र गवाह ने आरोपियों को घटना करते नहीं देखा। अदालत ने माना कि अभियोजन यह साबित करने में सफल रहा कि 27 मार्च 2019 को कुलदीप की मौत गोली लगने से हुई थी। चिकित्सकीय साक्ष्य केवल मौत के कारण और चोटों की प्रकृति सिद्ध करता है, गोली किसने चलाई यह नहीं। अदालत ने कहा जहां दो दृष्टिकोण संभव हों और एक आरोपी की निर्दोषता की ओर जाता हो, वहां संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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