फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से सीएजी टीम ग्रेनो प्राधिकरण का ऑडिट फिर शुरू करेगी

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ऑडिट का दूसरा चरण आज से शुरू होगा। छह सदस्यीय टीम आज प्राधिकरण आएगी। इस बार टीम वित्त वर्ष 2019-20 का ऑडिट करेगी। साथ ही उन फाइलों को भी खंगालेगी, जो पहले चरण के दौरान गायब हो गई थीं। कुछ ऐसे मामले भी हैं, जिनकी फाइलें हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में थीं, उनको भी मंगवा लिया है।
विज्ञापन

ऑडिट टीम पिछली बार जब आई थी तो उसे कई फाइलें नहीं मिली थीं। टीम ने इसकी शिकायत शासन से भी की थी। शासन की फटकार के बाद फाइलों की खोजबीन शुरू हुई। हालांकि, टीम ने ऑडिट बंद नहीं किया था। अब उन फाइलों का ऑडिट किया जाएगा। इनमें से अधिकतर मामले बिल्डरों और नियोजन विभाग से जुड़े हैं। सीएजी की टीम ग्रेनो वेस्ट में बिल्डरों के जमीन आवंटन में गड़बड़ी की तह तक जाना चाह रही है।
इन फाइलों को तलाश कर सीएजी को दे दी जाएंगी। प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि पहले चरण के ऑडिट के दौरान जमीन आवंटन से जुड़े कई मामले सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में चल रहे थे। आम्रपाली बिल्डर का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। इससे जुड़े दस्तावेज भी कोर्ट में जमा थे। इस वजह से ऑडिट अधूरी रह गई थी। इस बार टीम उसकी भी छानबीन करेगी। टीम वित्त वर्ष 2018-19 तक की ऑडिट कर चुकी है।
विज्ञापन

ब्याजदर घटाने के मामले में सुनवाई आज
नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण में ब्याजदर घटाने के मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मसले पर पहले भी सुनवाई हो चुकी है। इस बार फैसला आने की उम्मीद है। बिल्डरों ने प्राधिकरणों से आवंटित जमीन पर ब्याजदर कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने दोनों प्राधिकरणों को एसबीआई के मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) को लागू करने का आदेश दिया।
कम ब्याज दर को पुराने आवंटनों (2010 से) पर भी लागू करने को कहा। इस पर प्राधिकरणों ने दोबारा याचिका दायर की और मौजूदा साल से ही लागू करने के आदेश के लिए अपील की। इसी मसले पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। अगर फैसला आया तो इससे बिल्डरों के साथ ही आवंटियों को भी फायदा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें