फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री में नए सिरे से लेटरवार

विज्ञापन
विज्ञापन
कौन एलजी के बयान पर वीके सक्सेना ने कहा-संविधान देखें, मिल जाएगा जवाब
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने भी पत्र लिखकर दिल्ली सरकार को काम करने देने की गुजारिश की

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विधानसभा में दिए गए बयान 'कौन एलजी, कहां से आए एलजी' पर शुक्रवार को जवाब दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा कि मुख्यमंत्री अगर सरसरी तौर पर भारत के संविधान को देख लेंगे तो जवाब मिल जाएगा। वे मुख्यमंत्री के हेड मास्टर नहीं, दिल्लीवालों की एक सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ आवाज के रूप में काम कर रहे हैं। वहीं, पत्र मिलने के चंद घंटों बाद ही मुख्यमंत्री ने भी पत्र के जरिए उन्हें जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को संबोधित करते हुए लिखा है कि सूर्य और चंदा अपना काम करें तो अच्छे लगते हैं। मुख्यमंत्री को भी अपना काम करने दें और एलजी दिल्ली की कानून व्यवस्था ठीक करें।




हेडमास्टर नहीं, दिल्लीवालों की सौम्य और कर्तव्यनिष्ठ आवाज : उपराज्यपाल
उपराज्यपाल ने पत्र में लिखा है कि 16 जनवरी को विधायकों के साथ विधानसभा से राजनिवास तक का मार्च महज राजनीतिक दिखावा था। यह जाहिर तौर पर साबित भी हो गया। उस दौरान जब मुख्यमंत्री को उपमुख्यमंत्री के साथ बातचीत के लिए बुलावा भेजा गया तो केजरीवाल सभी विधायकों के साथ मुलाकात करने पर अड़े रहे। इतने कम समय में एक साथ 70-80 लोगों के साथ बैठक संभव नहीं हो सकती थी। साथ ही, इससे किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता था। ऐसे में मुलाकात संभव नहीं हो सकी। दुर्भाग्य से मुख्यमंत्री ने सुविधाजनक राजनीतिक दिखावा करने के लिए ये कह दिया कि एलजी ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। उपराज्यपाल के मुताबिक, उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि दिल्ली विकास संबंधी कई गंभीर मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इसे सुलझाने के लिए मुलाकात के बाद निष्कर्ष निकालने की जगह आपको इतने लंबे समय तक विरोध-प्रदर्शन करने का समय मिला। यह दिखावे के लिए था।
विज्ञापन






अपने काम छोड़कर रोजाना देंगे दखल तो कैसे चलेगी व्यवस्था : केजरीवाल

मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है कि सूर्य और चंदा अपना काम करें तो अच्छे लगते हैं। आपका काम कानून व्यवस्था, पुलिस और डीडीए संभालना है। आप अपने काम छोड़कर रोजाना हमारे काम में दखल देंगे तो तो व्यवस्था कैसे चलेगी। दिल्ली में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष पर अभी हमला हुआ, अगर वह सुरक्षित नहीं हैं तो एक आम महिला की क्या बात करें। दिल्ली वालों ने अभी तक आपको कानून व्यवस्था पर कोई काम करते नहीं, बल्कि उनकी चुनी हुई सरकार के रोजमर्रा के काम में दखल करते हुए ही देखा है। इससे लोगों में भारी रोष है। आपने पत्र में लिखा है कि हम बिना बताए आपसे मिलने आ गए थे, इसलिए नहीं मिले। सीएम, डिप्टी सीएम समेत सभी विधायक आपके द्वार पर खड़े थे तो जाहिर है कि दिल्ली से संबंधित बड़ी समस्या लेकर आए थे। अगर आप चाहते तो पांच मिनट के लिए बाहर आकर ही हमसे मिल सकते थे पर ऐसा नहीं हो सका। इससे तमाम दिल्लीवासियों को बुरा लगा और अपमानित महसूस किया। केजरीवाल ने सभी मंत्रियों और विधायकों को खाने पर बातचीत के लिए बुलाने पर एलजी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि अगर आपको सहूलियत हो तो हम शनिवार एक बजे आपके घर आ जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने इन पहलुओं पर भी साधा एलजी पर निशाना
- दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में पहले से काफी सुधार हुए हैं। अगर केंद्र और एलजी ने पिछले वर्षों में काम में अड़चन नहीं की होती तो और सुधार और भी अधिक होता।
- जब दुनिया दिल्ली को दुष्कर्म की राजधानी पुकारती है तो हर दिल्लीवासी का सिर शर्म से झुक जाता है।
- संविधान ने आपको तीन जिम्मेदारियां दी हैं। कानून व्यवस्था, दिल्ली पुलिस और डीडीए। वर्तमान में दिल्ली की कानून व्यवस्था देश में सबसे खराब है।
-जब आप रोजाना लोगों के काम रोकते हैं तो ही लोग कहते हैं कि एलजी साहब हमारे काम रोकने वाले कौन होते हैं।
-संविधान ने आपको दिल्ली की कानून व्यवस्था ठीक करने का काम दिया है। आप वो काम कीजिए। बाकी काम संविधान ने हमें दिए हैं, हमें अपने काम करने दीजिए। अगर आपको काम ठीक नहीं भी लगते फिर भी हमारे कार्यों में विघ्न डालने का आपको अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


- पत्र मिलने के बाद ट्वीट में केजरीवाल ने कहा कि सर, हमें अपना काम करने दीजिए, आप दिल्ली की कानून व्यवस्था ठीक कीजिए, ताकि कंझावला जैसा दूसरा केस फिर ना हो। उन्होंने चुनी हुई सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप करने के लिए दिल्ली सरकार के अधिकारियों की कई बैठकें बुलाई हैं। इसका उनके पास कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें