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Noida News: डीएफसीसी के दोनों कॉरिडोर पर 14 प्रतिशत बढ़ी माल ढुलाई

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डीएफसीसी के दोनों कॉरिडोर पर 14 प्रतिशत बढ़ी माल ढुलाई
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-वर्ष 2025-26 में ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर पर दौड़ी 1.47 लाख मालगाड़ियां
-पूरी तहर शुरू हो चुके है दोनों काॅरिडोर, प्रतिदिन औसतन दौड़ रही 406 मालगाड़ी
-एफआईडीआईसी 2026 के मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी का फाइनलिस्ट बना है प्रोजेक्ट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर पर माल ढुलाई बढ़ती जा रही है। पिछले साल के मुकाबले वर्ष 2025-26 में दोनों कॉरिडोर पर माल ढुलाई 14 प्रतिशत अधिक रही है। इस साल में कुल 1.47 लाख मालगाड़ियां दौड़ी है। वहीं डीएफसीसी का यह प्रोजेक्ट एफआईडीआईसी-2026 प्रोजेक्ट अवार्ड के मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी में फाइनलिस्ट में शामिल हुआ है। जो भारत का एकमात्र प्रोजेक्ट बना है।

डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि वर्ष 2025-26 काफी सफल रहा है। 31 मार्च 2026 को वैतरणा-जेएनपीटी सेक्शन शुरू हो गया। साथ ही अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क पूरी तरह से शुरू हो गया है। वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1,47,993 मालगाड़ियों का संचालन हुआ। जो पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक रही। रोजाना औसतन 406 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। यह संख्या पहले 356 थी। इस साल एक दिन में अधिकतम 460 ट्रेनों का संचालन हुआ है। अफसरों ने बताया कि भारतीय रेल नेटवर्क के मात्र 4 प्रतिशत हिस्से के साथ डीएफसीसी अब देश की कुल रेल माल ढुलाई का 14 प्रतिशत भार वहन कर रहा है। एफआईडीआईसी-2026 प्रोजेक्ट अवार्ड की मेगा प्रोजेक्ट श्रेणी के फाइनलिस्ट की सूची में डीएफसीसीआईएल को चुना गया है। फाइनल में पहुंचने वाला भारत का पहला प्रोजेक्ट है।
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परिसर को हरा भरा बनाने पर जोर
डीएफसीसी के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने शनिवार को सेक्टर-145 स्थित कारपोरेट कार्यालय पर ध्वजारोहण किया। वहां डीएफसीसीआईएल की हिस्ट्री बुक, कॉफी टेबल बुक, सीटीपी-14 पर आधारित पुस्तक, लैंड मैनुअल और हिंदी एमओपी (मैनुअल ऑफ प्रोसीजर) का विमोचन किया गया। साथ ही भारतीय डाक के डाक टिकट का भी अनावरण किया। जो भारत के फ्रेट परिवहन इतिहास की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित कर रहा है। साथ ही डीएफसीसी ने हरित व तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन किया गया। यहां परिसर में नर्सरी और सोलर सिस्टम के साथ मियावाकी पद्धति पर आधारित आनंद वन, उन्नति उद्यान, हर्बल गार्डन और अमृत वाटिका बनाई गई है। एक्सपीरियंस सेंटर और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम का भी उद्घाटन किया।
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नई तकनीकी के साथ बेहतर बन रही सेवा
अफसरों ने बताया कि तकनीकी आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी रुड़की, आईआईएससी बेंगलुरु, मोनाश यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन और एल-2-एम रेल के साथ साझेदारी की है। इनके सहयोग से टूटी हुई पटरी का पता लगाने, मशीन विजन इंस्पेक्शन, व्हील-रेल इंटरफेस, हेवी-हॉल ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को गति मिली है।
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