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दुलर्भ प्रजाति के कछुए सहित कई वन्य जीव मुक्त कराए

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बरामद वन्य जीव।
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दुलर्भ प्रजाति के कछुए सहित कई वन्य जीव मुक्त कराए
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नोएडा। वन विभाग ने पुलिस और पीएफए के सदस्यों संग दो स्थानों पर छापेमारी कर कई वन्य जीव मुक्त कराए। इनमें दुलर्भ प्रजाति का एक कछुआ भी शामिल है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फेज-2 थाना पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
डीएफओ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि पीएफए की सदस्य कावेरी राणा और सेक्टर-93 स्थित एक एनजीओ से सूचना मिली थी कि दो स्थानों पर नियमों का उल्लंघन कर वन्य जीवों को रखा गया है। रेंज ऑफिसर किताब सिंह और सेक्शन ऑफिसर प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने सेक्टर-134 स्थित जेपी क्लासिक सोसाइटी में जांच की तो वहां बंदरों को भगाने के लिए सोसाइटी मैनेजमेंट ने एक लंगूर रख रखा था। लंगूर को बरामद कर, सिक्योरिटी गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर सुभाष कुमार और आरएस बद्रीसिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहींसेक्टर-93 स्थित बीडीएस मार्केट में गेझा गांव निवासी प्रशांत कुमार की एंजल एक्वेरियम नाम से दुकान है। प्रशांत प्रतिबंधित वन्य जीव बेचता था। शुक्रवार देर शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से दुलर्भ प्रजाति का कछुआ, 4 तोते और 10 मुनिया प्रजाति की चिड़िया बरामद की हैं। पुलिस अधिकारी आरोपी से बेचे गए अन्य वन्य जीवों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, ताकि उन्हें भी मुक्त कराया जा सके।
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कछुआ शेड्यूल वाइल्ड लाइफ वन में आता है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कछुआ रखने व टाइगर मारने पर जुर्माना नहीं लिया जा सकता है और न ही जमानत दी जा सकती है। इसमें सात साल तक की सजा हो सकती है। फेज-2 कोतवाली पुलिस मामलों की जांच कर रही है।
हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल जोन
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