सुल्तानपुरी में चल रहा था अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर, दो सरगना गिरफ्तार
सात टेलीकॉलर को पुलिस ने जांच में शामिल होने का दिया नोटिस
खुद को फेसबुक और अमेजन का कर्मचारी बताकर झांसे में लेते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी जिला साइबर सेल ने सुल्तानपुरी में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले गिरोह के दो सरगना को गिरफ्तार किया है, जबकि सात टेलीकॉलर को जांच में शामिल होने का नोटिस दिया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 11 फोन और 8 लैपटॉप बरामद किए हैं। आरोपी खुद को फेसबुक और अमेजन का कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को उनकी समस्या का समाधान करने के बहाने ठगते थे।
पुलिस के अनुसार, कृष्ण विहार, सुल्तानपुरी में फर्जी कॉल सेंटर चलाने और अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी करने की सूचना मिली थी। निरीक्षक संदीप पंवार के नेतृत्व में पुलिस ने जांच की। इसके बाद पुलिस ने एच-एन ब्लॉक सुल्तानपुरी में एक इमारत की तीसरी मंजिल पर छापे मारे। मौके पर लैपटॉप की जांच करने पर पता चला कि ठगों ने आईपी एड्रेस को छिपाने के लिए सिस्टम में वीपीएन सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए थे, ताकि उन्हें ट्रैक न किया जा सके। साथ ही, पता चला कि आरोपी रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन का भी उपयोग कर रहे थे। सिस्टम की जांच की गई और यह पाया गया कि सभी लैपटॉप सिस्टम में पीड़ितों के मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और लिए गए पैसे का विवरण दिखाने वाला नोट पैड एप्लिकेशन था। कुछ लैपटॉप के डाउनलोड फोल्डर में कॉल रिकॉर्ड किए गए थे। आरोपियों के लैपटॉप में जय श्री गणेश 100 के नाम से वेब एप्लिकेशन पर एक टेलीग्राम समूह था। इसमें विदेशी नागरिकों को धोखा देने के लिए लगातार चैट की गई थी। आरोपी अमेरिका के नागरिकों को फेसबुक और अमेजन का कर्मचारी बताकर इससे जुड़ी कोई भी समस्या का समाधान करने की बात कहकर ठगते थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले प्रिंस शर्मा और मुकुल देव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इनके बैंक खातों की जांच कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने रुपये ठगे हैं।
गुरुग्राम के एक कॉल सेंटर में ठगी के गुर सीखे
दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गुरुग्राम में एक कॉल सेंटर में काम करने के दौरान उन्होंने ठगी के गुर सीखे। फिर साल 2021 में प्रिंस ने मुकुल और दो अन्य लोगों के साथ दक्षिण दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया, लेकिन आपसी विवाद में इसे बंद करना पड़ा। इसके बाद साल 2023 में विदेशी नागरिकों को ठगने के लिए सुल्तानपुरी में फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया। फर्जीवाड़े में एक विदेश नागरिक भी शामिल है, जो उन्हें लोगों के साथ कॉल की सभी सेवाओं की व्यवस्था करता था और धोखाधड़ी वाले उपहार कार्ड के मूल्य को भारतीय रुपये में परिवर्तित करता था।