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आईपीएस का फर्जी फेसबुक अकाउंट बना ठगी करने वाला गरारफ्तार

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पसोशल मीडिया पर कैंसर पीड़ितों की मदद का झांसा देकर ठगी
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ग्रेटर नोएडा। आईपीएस के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने जिला प्रतापगढ़ के अतरसंड गांव निवासी अंकित तिवारी को गिरफ्तार किया है। जबकि उसके गांव के ही दो साथी रवि सिंह और शिवम उर्फ शिवा फरार हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। पुलिस पूछताछ में अंकित ने बताया कि वह कैंसर पीड़ितों की मदद का झांसा देकर सोशल मीडिया से लोगों को ठगते हैं। उन्होंने एक एनपीसीएल कर्मचारी समेत कई लोगों इसी तरह ठग लिया था।
एसपी देहात कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, सूरजपुर कोतवाली में 27 अगस्त को खोदना खुर्द गांव निवासी सुरजीत नागर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके आईपीएस दोस्त के नाम से ठगों ने फेसबुक अकाउंट बना लिया। इसके बाद फेसबुक पर सुरजीत से जुड़ गए। फेसबुक पर चेटिंग के जरिये कुछ दिन बात करने के बाद ठगों ने सुरजीत को बताया कि वह कैंसर पीड़ितों की मदद करते हैं। सुरजीत ठगों को अपना आईपीएस दोस्त समझकर बात करते रहे। कुछ दिन बाद सुरजीत से ठगों ने कहा कि एक ऐसे ही पीड़ित की उन्हें मदद करनी है, लेकिन फिलहाल उनके पास रुपये नहीं हैं। अगर सुरजीत कुछ रुपये देंगे तो वह बाद में लौटा देंगे। सुरजीत ने आईपीएस दोस्त समझकर आरोपियों के बताए खाते में 52 हजार रुपये डाल दिए। इसके बाद आरोपियों ने सुरजीत से संपर्क तोड़ दिया। सुरजीत को शक हुआ और उसने अपने दोस्त को फोन कर इस संबंध में बात की तब जाकर उन्हें ठगी का पता चला और रिपोर्ट दर्ज करा दी। संगीन मामला सामने आने पर सूरजपुर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र दीखित और साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई और गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
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रोजगार नहीं मिला तो बना लिया ठग गिरोह
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अंकित तिवारी एमए की पढ़ाई कर रहा है। जबकि उसके दोनों दोस्त रवि और शिवम स्नातक की पढ़ाई कर चुके हैं। स्नातक के बाद से ही आरोपी रोजगार की तलाश में है, लेकिन सही काम नहीं मिल पाने से तीनों ठगी करने लगे। आरोपी दो साल से वारदात अंजाम दे रहे हैं। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम को भी आरोपियों की तलाश थी। आरोपी इसी तरह सोशल मीडिया के माध्यम से दूर के जिलों या प्रदेश के लोगों से जुड़ जाते और कैंसर पीड़ितों की मदद के नाम पर रुपये ठग लेते थे।
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