खराब सामान के पैसे लौटाने के बहाने की जा रही ठगी
नोएडा। यदि आपने किसी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सामान मंगाया है और खराब आने पर उसे वापस कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। साइबर अपराधियों ने सामान के बदले पैसे लौटाने के नाम पर ठगी शुरू कर दी है। पिछले एक सप्ताह में ही ऐसे तीन मामले पुलिस तक पहुंचे हैं। आरोपी पहले खराब सामान की माफी मांगते हैं फिर पैसे लौटने के नाम पर बैंक खाते की जानकारी लेकर मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं। जैसे ही पीड़ित द्वारा लिंक ओपन किया जाता है उसके खाते से रकम निकल जाती है।
मोबाइल खराब था, खाते से 37 हजार निकले
नोएडा सेक्टर-22 निवासी विजय कुमार ने एक कंपनी से ऑनलाइन मोबाइल मंगाया था। मोबाइल में गड़बड़ी आई तो उसे वापस करने के लिए गूगल पर संबंधित कंपनी की ई-मेल तलाश की और उस पर शिकायत भेजी। कुछ देर बाद उन्हें एक कॉल आई। फोन करने वाले ने सबसे पहले माफी मांगी और फिर तत्काल पैसे वापस करने का दावा किया। आरोपी ने पीड़ित के खाते से संबंधित सूचनाएं लीं और व्हाटसएप पर एक लिंक भेजा। लिंक ओपन करते ही खाते से 37 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने सेक्टर-24 कोतवाली में शिकायत दी है।
गूगल पे से पैसे देने के बहाने 49 हजार ठगे
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई की रहने वाली श्रुति शर्मा की बहन ने ऑनलाइन 999 रुपये का सूट ऑर्डर किया था। डिलीवरी होने के बाद पार्सल खोलकर देखा तो सूट में कुछ खराबी थी। कंपनी का हेल्पलाइन नंबर तलाशकर उस पर बात की तो उन्हें तुरंत रुपये लौटने की बात कही गई। फोन पर बात करने ने कहा कि गूगल पे के माध्यम से पैसे लौटा देंगे। बहन के पास गूगल पे की सुविधा नहीं थी तो श्रुति का नंबर दे दिया। आरोपियों ने कुछ देर बाद श्रुति को फोन किया और कहा कि उनके गूगल पे एकाउंट पर पैसे भेज रहे हैं। उसके लिए एक लिंक भेजा है। जैसे ही श्रुति ने लिंक ओपन किया उनके खाते से 49 हजार रुपये निकल गए। पीड़िता ने सूरजुपर स्थित साइबर सेल में शिकायत की है।
799 रुपये की प्रेस के चक्कर में 39 हजार निकले
सेक्टर-62 निवासी निवासी बिरेंद्र पाल ने एक कंपनी से ऑनलाइन 799 रुपये की इलेक्ट्रिक प्रेस मंगाई थी। प्रेस खराब निकलने पर कंपनी के कॉल सेंटर पर शिकायत की थी। वहां से उनके पास कॉल आने की बात कही गई। कुछ देर बाद ही एक व्यक्ति ने कॉल कर प्रेस के पैसे लौटने के लिए लिंक भेजने की बात कही। पीड़ित ने लिंक ओपन किया तो उनके खाते से 39 हजार रुपये निकल गए।
पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि किसी भी स्थिति में अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी न दें। कोई, ओटीपी या लिंक आदि भेजता है तो उसे न खोलें। साइबर अपराधी लिंक भेजकर लोगों के खाते को हैक कर पैसे निकाल लेते हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता बरतकर बचाव किया जा सकता है।
रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा जोन