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Noida News: क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी का भंडाफोड़

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क्रूज पर नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही ठगी का भंडाफोड़
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सेक्टर-58 थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार
एमबीए के बाद नोएडा आकर दफ्तर खोल शुरू की थी ठगी

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इंटरनेशनल क्रूज पर नौकरी का झांसा देकर हो रही ठगी का भंडाफोड़ किया गया है। यह ठगी सेक्टर-62 स्थित आईथम टावर और सेक्टर-15 नया बांस में ऑफिस खोलकर की जा रही थी। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने मास्टरमाइंड गली प्रेम कुमार निवासी विशाखापटनम को गिरफ्तार कर खुलासा किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से एमबीए किया हुआ है। इसके बाद दो फर्जी कंपनी बनाकर पिछले दो साल से ठगी का रैकेट चला रहा था। अब तक 50 से ज्यादा लोगों से ठगी की जा चुकी थी। बतौर एजेंट ठगी में शामिल आरोपी अभी फरार हैं। एडीसीपी नोएडा सुमित शुक्ला ने बताया कि रैकेट पूरी तरह से सोशल मीडिया आधारित था। एक ग्रुप जिस पर मर्चेंट नेवी की नौकरी से जुड़े आवेदन सार्वजनिक आते हैं, वहां से आरोपी डेटा निकालता था। फिर मिलने वाले नंबरों पर एप के माध्यम से वाट्सएप व एसएमएस में विज्ञापन मैसेज भेजा जाता था। इसके साथ ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर नौकरी का विज्ञापन जारी करवाया जाता था। टारगेट नोएडा से दूर के शहरों पर होता था। फिर संपर्क करने वाले युवा बेरोजगारों का ऑनलाइन ही इंटरव्यू कर लिया जाता था। फिर नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 1.80 लाख रुपये लिए जाते थे। आरोपी यह बताते थे कि 50 हजार रुपये हमारी कंपनी की फीस है। 1 लाख 30 हजार रुपये एजेंट व टिकट का खर्चा है। इसके बाद वीजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करवाने के नाम पर लोगों से उनके मूल आधार कार्ड, पासपोर्ट को आरोपी जमा करवा लेते थे। फिर आरोपी कुछ समय आज-कल बताकर टरकाते रहते थे। पुलिस ने आरोपी प्रेम कुमार के कब्जे से मोबाइल व कुछ टिकट, वर्क ऑर्डर, गारंटी कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है। थाना पुलिस व साइबर की टीम जांच में ठगी के उपयोग में लाए गए बैंक खातों को खंगाल रही है। एक बैंक खाते में 7.50 लाख रुपये होने की जानकारी मिली है। एडीसीपी ने बताया कि फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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केरल से आए दो पीड़ितों की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच
एडीसीपी ने बताया कि गिरोह की तरफ से की जा रही ठगी के 6 केस नोएडा के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। केरल निवासी अभिनव वीएस और उनके साथी अभिलाष के साथ भी ठगी हुई थी। दोनों ने नोएडा आकर सेक्टर-58 थाने में केस दर्ज करवाया था। केस की जांच एसीपी-2 स्वतंत्र सिंह की अगुवाई में आगे बढ़ी। फिर ठगी के इस गिरोह के मास्टर माइंड गली प्रेम कुमार को पकड़ा गया। ये गाजियाबाद के इंदिरापुरम में किराये पर रह रहा था। आरोपी की उम्र 24 वर्ष है। एमबीए करने के बाद हैदराबाद से नोएडा आकर यह ठगी शुरू कर दी थी। एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आरोपी ने आईथम टावर में अपना दफ्तर खोलने के लिए जगह एक रिक्शे वाले का आधार कार्ड लगाकर किराये पर ली हुई थी।
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