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Noida News: चीनी लोन एप के जरिये देशभर में ठगी, मालिक सहित तीन गिरफ्तार

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मधु विहार में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, 27 टेलिकॉलर हिरासत में लिए
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धमकी देकर होती थी वसूली, रकम के एक बड़े हिस्से को भेजा जाता था चीन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में प्रतिबंध के बावजूद चीनी लोन एप के जरिये लोगों को जाल में फंसाकर वसूली का सिलसिला जारी है। पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने बुधवार को चीनी लोप के जरिये लोगों को ठग रहे गिरोह का खुलासा किया है। मधु विहार इलाके में फर्जी कॉलसेंटर पर छापा मारकर मालिक अनिल मदान (43) और सहयोगी संदीप वर्मा (39) व विशाल कुमार (23) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि टेलिकॉलर 10 युवतियों व 17 युवकों को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा 22 लैपटॉप, 20 डेस्कटॉप, सीपीयू, 55 मोबाइल, दो वाईफाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 40 हजार रुपये और 21 हार्डडिस्क बरामद की गई हैं।
पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ ने बताया कि आरोपी देशभर के हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ कर चीन भेज चुके हैं। फिलहाल, 15 शिकायतों का पता चला है। पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मदद मांगी है। पुलिस अन्य शिकायतकर्ताओं का पता लगा रही है। इसके अलावा आरोपियों के खातों की जांच की जा रही है। 30 मार्च को जिले की साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि गली नंबर-15 मधु विहार में पहली और तीसरी मंजिल पर चीनी लोन एप से वसूली करने वाला कॉलसेंटर चल रहा है। फौरन इंस्पेक्टर गौरव चौधरी, एसआई नरेश, राहुल मलिक, सौरभ हरितेश व अन्यों की टीम को तैयार किया गया। टीम ने छापा मारकर अनिल सहित 28 लोगों को दबोच लिया। बाद में पुलिस ने संदीप और विशाल को उत्तम नगर से गिरफ्तार किया।
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ऐसे हो रही थी ठगी
पूछताछ में अनिल ने बताया कि गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब पर चीनी लोन एप का विज्ञापन देता था। एप पर बिना किसी गारंटी व कागजात के आसानी से 2000 से 15 हजार तक का लोन देने की बात कही जाती थी। पीड़ित जैसे ही लोन के लिए तैयार होता तो उसे फोन में लोन के लिए एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता था। डाउनलोडिंग के दौरान एप फोटो गैलरी, कांटेक्ट लिस्ट व फोन का दूसरा डाटा प्राप्त करने की अनुमति मांगता था। अनुमति देते ही एप डाउनलोड हो जाता था और खाते में रकम आ जाती थी। इसके बाद लोन वापस करने के नाम पर ज्यादा पैसे मांगकर धमकाया जाता था। ऐसा नहीं करने पर पीड़ित के मोबाइल की गैलरी से निकाली गई फोटो को अश्लील बनाकर उसे रिश्तेदारों व परिजनों को भेजने की धमकी दी जाती थी। इससे आरोपी मोटी रकम वसूल लेते थे। इस रकम से टेलिकॉलर का वेतन, कॉल सेंटर मालिक और बीच के लोगों की कमीशन निकालने के बाद बाकी रकम अलग-अलग तरीके से चीन भेज दी जाती थी।
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12वीं पास अनिल एक साल से चला रहा था कॉलसेंटर
पुलिस को पता चला है कि गीता कालोनी निवासी अनिल मदान एक साल से मधु विहार की गली नंबर 15 में बी-37 की पहली व तीसरी मंजिल पर कॉलसेंटर चला रहा था। आरोपी महज 12वीं पास है। वहीं, संदीप परिवार के साथ सेवक पार्क, उत्तम नगर में रहता है। वह भी 12वीं पास है। विशाल उत्तम नगर में रहता है और एक वेबसाइट व एप के जरिये फंसाए गए लोगों का डाटा अनिल को देता था। टेलिकॉलर के जरिये ब्लैकमेल कर उनसे वसूली की जाती थी। इसके बाद कमीशन और कॉल सेंटर का खर्चा निकालकर आरोपी बाकी रकम आगे बढ़ा देता था।
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