बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को बीटेक के एक छात्र का थार सवार चार युवकों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया। छात्र को वाहन में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई और रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने की धमकी दी गई। छात्र के दोस्त की सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने पीछा कर मिग्सन बिलासा के पास थार को रोक लिया और छात्र को सकुशल मुक्त करा लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन कब्जे में ले लिया है। मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से वाराणसी के गजोखर गांव निवासी श्रेयश सिंह ग्रेटर नोएडा की एक निजी यूनिवर्सिटी में बीटेक का छात्र है और बीटा-2 क्षेत्र में किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसके मामा आशुतोष ने बताया कि कुछ समय पहले श्रेयश और उसके दोस्त ने मिग्सन बिलासा निवासी सचिन मिश्रा की टैक्सी कार किराये पर ली थी। कार चलाते समय दुर्घटना होने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था। आरोप है कि मरम्मत का खर्च और किराया पहले ही चुका दिया गया था, लेकिन बाद में सचिन ने अतिरिक्त रुपये की मांग शुरू कर दी। श्रेयश द्वारा रुपये देने से इनकार करने पर वह रंजिश रखने लगा।
शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे श्रेयश अपने दोस्त काव्यांश के साथ स्कूटी से कमर्शियल बेल्ट में खाना खाने गया था। लौटते समय बीटा-1 स्थित सीएनजी पंप के पास पीछे से आई एक थार ने उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद चार युवक जबरन श्रेयश को थार में डालकर फरार हो गए। काव्यांश ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
शाम करीब छह बजे पुलिस ने मिग्सन बिलासा के पास थार को रोककर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और छात्र को उनके कब्जे से मुक्त करा लिया। श्रेयश ने अपने परिजनों को बताया कि आरोपी पूरे रास्ते कार के भीतर उसका मुंह दबाकर मारपीट करते रहे और लगातार रुपये देने का दबाव बनाते रहे। रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित के मामा आशुतोष का आरोप है कि थार के पीछे एक अन्य कार भी चल रही थी, जिसमें चार युवक सवार थे और वे भी मुख्य आरोपी के साथी थे।
वहीं बीटा-2 कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।