बलरामपुर। गैर इरादतन हत्या के एक मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला शनिवार को अपराध न्यायाधीश कोर्ट नंबर 6 संतोष कुमार यादव की अदालत ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 5 जुलाई 2009 की रात लगभग नौ बजे की है। छतरपुर गांव में चारपाई बिछाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान दलसिंगार नामक व्यक्ति पर उनके पड़ोसी जोखन और उसके तीन पुत्र जितेंद्र, विजेंद्र और दयाराम ने लाठी-डंडों से हमला कर बुरी तरह पीट दिया। दलसिंगार को बचाने आए भोजराज को भी हमलावरों ने पीटा। गंभीर रूप से घायल दलसिंगार को जौनपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसी रात उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक की पत्नी शांति देवी ने चारों आरोपियों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता ने कुल 9 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी जोखन, जितेंद्र, विजेंद्र और दयाराम को दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड न अदा करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।