बीडीएस छात्रा की आत्महत्या का मामला, विवि प्रबंधन ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बीडीएस की छात्रा ज्योति शर्मा की आत्महत्या के मामले में शारदा विश्वविद्यालय प्रबंधन ने डीन समेत चार और प्रोफेसरोें को निलंबित कर दिया है। सोमवार को विवि जांच कमेटी ने प्रकरण से संबंधित फैकल्टी और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क निदेशक डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि ज्योति प्रकरण में जिन आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज किया गया था। उनमें से चार और आरोपियों प्रोफेसर डॉ. अनुराग अवस्थी, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरभी, डीन डाॅ. एम सिद्धार्थ और प्रोफेसर डॉ. आशीष चौधरी को निलंबित कर दिया है।
मामले में विवि की जांच कमेटी ने रिपोर्ट देने के लिए पुलिस अधिकारियों से पांच दिन का समय मांगा था। घटना से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। सोमवार को उन सभी के बयान दर्ज किए गए। मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर पुलिस अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।अहम है कि छात्रा की आत्महत्या के एक दिन बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह चौहान और सहायक प्रोफेसर डॉ. शैरी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया था। सोमवार को जांच कमेटी के सामने संबंधित प्रोफेसर, वार्डन, सुरक्षा कर्मी और विद्यार्थियों ने बयान दर्ज कराए। प्रबंधन ने पुलिस अधिकारियों से जांच रिपोर्ट देने के लिए पांच दिन का समय मांगा था। जो बुधवार को पूरा हो रहा है। विश्वविद्यालय के सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
गुरुग्राम निवासी छात्रा ज्योति शर्मा (21) ने शुक्रवार शाम छात्रावास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में सहायक और एसोसिएट प्रोफेसर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। पुलिस को दी शिकायत में छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा ने मामले में डेंटल साइंस विभाग के डीन प्रो. (डॉ.) एम. सिद्धार्थ, विभागाध्यक्ष (एचओडी) प्रो. डॉ. आशीष चौधरी, प्रो. डॉ. अनुराग, एसोसिएट प्रो. डॉ. महिंदर सिंह चौहान, सहायक प्रो. डॉ सुरभी, सहायक प्रो. डॉ. शैरी वशिष्ठ पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में शैरी वशिष्ठ और महिंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आत्महत्या के बाद उपजे विवाद की वजह से विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सोमवार और मंगलवार की परीक्षा और कार्यक्रम को स्थगित कर दी गई थी। विवि प्रबंधन की ओर से 23 जुलाई से कक्षाएं के फिर से शुरू होने और परीक्षाएं आयोजित किए जाने की बात कही गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद खुलेगा बीडीएस विभाग
वहीं पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन समेत बाकी प्रोफेसरों से पूछताछ की है। पुलिस में बीडीएस विभाग को सील कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग को खोलने की अनुमति दी जाएगी। वहीं विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति भी मामले की जांच कर रही है। परिसर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कार्रवाई की मांग करते अलग-अलग संगठनों ने किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बीडीएस की छात्रा की आत्महत्या मामले में अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विश्वविद्यालय के आरोपी प्रोफेसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर नॉलेज गेट पर प्रदर्शन की चेतावनी दी। वहीं सोमवार को नॉलेज पार्क-3 गोल चक्कर के पास होने वाला प्रदर्शन को छात्रों ने स्थगित कर दिया। अधिवक्ता पवन भाटी ने कहा छात्रा के पिता द्वारा विश्वविद्यालय जाकर माफी मांगने के बाद भी उत्पीड़न जारी रहा। इससे परेशान होकर, ज्योति ने आत्महत्या कर ली। सरकार को इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच करानी चाहिए। इस दौरान नीरज भाटी, विशाल नागर, सचिन भाटी, प्रिंस भाटी, मोहित भाटी, अमित, केके भाटी, रवि, नरेश, जयन्त भाटी, रोहित, सौरभ भाटी, कर्मवीर व दर्जनों कॉलेज के छात्र उपस्थित रहे।