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नोएडा में बेटियों के लिए सुरक्षित आवास: बनेंगे दो हजार कमरों के चार छात्रावास, एक साल में बनकर होंगे तैयार

Fri, 13 Feb 2026 07:33 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला संवाद, नोएडा

सार

गौतम बुद्ध नगर में महिला कल्याण विभाग की पहल पर चार अत्याधुनिक महिला छात्रावासों का निर्माण शुरू हो गया है। प्रत्येक छात्रावास में लगभग 500 कमरे बनाए जाएंगे, यानी कुल दो हजार से अधिक कमरों की सुविधा विकसित होगी।
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बनेंगे दो हजार कमरों के चार महिला छात्रावास - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गौतम बुद्ध नगर की बेटियों और कामकाजी महिलाओं को पीजी के महंगे किराए या असुरक्षित ठिकानों की चिंता नहीं करनी होगी। महिला कल्याण विभाग की पहल पर जिले में चार अत्याधुनिक महिला छात्रावासों का निर्माण शुरू हो गया है। सुरक्षा मॉडल, आधुनिक सुविधाओं और किफायती किराए के साथ तैयार हो रहे ये छात्रावास न सिर्फ रहने की जगह देंगे, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार भी प्रदान करेंगे। शहर में महिलाओं और छात्राओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए महिला कल्याण विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में चार महिला छात्रावासों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रत्येक छात्रावास में करीब 500 कमरे बनाए जाएंगे, यानी कुल मिलाकर 2,000 कमरे तैयार किए जाएंगे।
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इस चार जगहों पर बनेंगे छात्रावास
जानकारी के अनुसार, इन छात्रावासों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, ताकि संरचना मजबूत और सुविधाएं आधुनिक हों। एक छात्रावास नोएडा के सेक्टर-85 के पास बनाया जा रहा है। वहीं ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर गोल चक्कर के पास दो छात्रावासों का निर्माण होगा। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कॉलेज और शिक्षण संस्थान हैं, जहां बाहर से आकर छात्राएं पढ़ाई करती हैं और अधिकतर पीजी में ठहरती हैं। नए छात्रावास बनने से करीब एक हजार छात्राएं सुरक्षित माहौल में रह सकेंगी। इसके अलावा कामकाजी महिलाएं भी यहां ठहर सकेंगी, जिससे उन्हें कम किराए में सुरक्षित आवास मिलेगा। चौथा छात्रावास कासना क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में अन्य जिलों और राज्यों से महिलाएं काम के सिलसिले में आती हैं।

इस सुवाधाओं से लेश होगें छात्रावास
इन छात्रावासों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। परिसर में पुलिस बूथ की स्थापना, सीसीटीवी निगरानी, 24 घंटे सुरक्षा गार्ड और बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही रहने वाली महिलाओं के लिए जिम, कैंटीन और स्वच्छ भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी। छात्राओं के लिए अलग अध्ययन कक्ष और शांत वातावरण की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे परीक्षा की तैयारी भी कर सकें। गौरतलब है कि सेक्टर-62 में पहले से एक महिला छात्रावास संचालित है, जहां कई छात्राएं और कामकाजी महिलाएं रह रही हैं। उसी मॉडल को और बेहतर बनाते हुए नए छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं इस साल के केंद्रीय बजट में प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण का प्रावधान किया गया है।

छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एक वर्ष के भीतर सभी भवन बनकर तैयार हो जाएंगे। यहां अन्य शहरों से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिलेगा, जहां वे पढ़ाई और नौकरी दोनों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी। कई बार महंगे किराए और असुरक्षित माहौल के कारण महिलाएं परेशान होती हैं। ऐसे में ये छात्रावास उनके लिए राहत साबित होंगे। यह कार्य तेजी से शुरू किया गया है। - मनोज कुमार, डेवलपमेंट प्रोविजनरी ऑफिसर

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