15 हजार करोड़ की जालासजी का मामला :
गिरफ्तार सात आरोपियों की मिली पुलिस रिमांड, होगी पूछताछ
- कई राज्यों में दबिश जारी, एजेंसियों के साथ लगातार हो रही बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी तरीके से कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कराकर 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी में गिरफ्तार सात आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड मिल गई है। बुधवार को सूरजपुर कोर्ट में सुनवाई के बाद इस बाबत आदेश जारी कर दिए गए। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे से सातों आरोपियों की रिमांड अवधि शुरू होगी। वहीं मामले की जांच के लिए पुलिस और एसटीएफ की टीम लगातार कई राज्यों में दबिश दे रही है। वहीं केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की टीम भी लगातार नोएडा पुलिस के संपर्क में है।
नोएडा पुलिस ने 2660 फर्जी कंपनी बनाकर 15 हजार करोड़ से अधिक की जालसाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया था। आरोपियों ने पांच साल से जीएसटी रिफंड इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त कर सरकार को हजारों करोड़ का चूना लगाया था। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल महिला समेत आठ जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें गिरोह के सरगना दीपक मुरजानी, पत्नी विनीता, आकाश सैनी, विशाल, मोहम्मद यासीन शेख, राजीव (सीए), अतुल सेंगर और अश्वनी शामिल हैं। इनमें विनीता को छोड़कर अन्य सातों की पुलिस कस्टडी रिमांड के आदेश दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह से पुलिस की टीम इन आरोपियों से पूछताछ करेगी और इनके दिल्ली स्थित कार्यालय में जाकर जांच करेगी। साथ ही इनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले इनपुट के बारे में भी इन आरोपियों से बात करेगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही फर्जीवाड़े की परतें खुलेंगी। पुलिस व अन्य एजेंसियां की टीम इनसे फर्जी कागजातों से लेकर ऑफिस के बारे में जानकारी लेगी। इसके साथ ही इन आरोपियों के पास से बरामद गैजेट से मिली जानकारी का सत्यापन करेगी। नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि पुलिस की टीम गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के अलावा कई राज्यों में दबिश दे रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई है। पुलिस और एसटीएफ अलग-अलग स्थानों पर जाकर जानकारी ले रही है।
गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर तक फैला है जाल
पुलिस की जांच में पता चला है कि इस गिरोह का जाल पूरे देश में फैला है। गिरोह में गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के लोग भी शामिल हैं। अब तक की जांच में यह पता चला है कि जीएसटी नंबर वाली 3060 कंपनियों में 247 फर्जी कंपनी उत्तर प्रदेश की हैं। आरोपियों ने गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों के पते पर कंपनियां बनाई थीं। पुलिस व जीएसटी की टीम इन राज्यों की पुलिस व एजेंसियों के संपर्क में है।