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अस्थायी गोशाला में चार गोवंश मरे, दो गंभीर बीमार

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जारचा। दादरी तहसील के गांव खंडहेरा में बनी अस्थायी गोशाला में गोवंश का बुरा हाल है। यहां चार गोवंश मर चुके हैं, जबकि दो गंभीर रूप से बीमार हैं और तड़प रहे हैं। गोशाला में गोवंश की दुर्दशा का वीडियो भी वायरल हुआ है। जिस पर रविवार देर रात ही दादरी एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता ने गोशाला का निरीक्षण किया। हालांकि उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें गोवंश बीमार मिले थे तब तक किसी ने दम तोड़ा नहीं था। वहीं सोमवार को गोवंश के मरने की बात सामने आने पर मामले की जांच कराने की बात कही है।
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जिला प्रशासन ने खंडहेरा गांव में चार साल पहले अस्थायी गोशाला का निर्माण कराया था। यहां आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों गोवंश को रखा गया है। बीते रविवार को सोशल मीडिया पर गोशाला का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें लापरवाही के कारण गोवंश के मरने का दावा किया गया। सोमवार को मीडिया कर्मी गोशाला पहुंचे तो चारा खाने वाले परिसर में दो बीमार गोवंश तड़पते मिले। पास में ही दो गोवंश मृत पड़े थे। वहीं मरने के बाद दो गोवंश को दबाया जा चुका था। चारा परिसर में छत नहीं थी, जिस कारण गोवंश कीचड़ और धूप में खड़े थे। गोवंश के आगे बरसात में भीगा भूसा डाला गया था। वहीं चारा खुले में पड़ा होने से बरसात से खराब हो रहा था। पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। मीडिया में मामला आने के बाद पानी का इंतजाम करने के लिए जनरेटर मंगाकर सबमर्सिबल को चालू किया गया।
देर रात 12 बजे पहुंचे थे एसडीएम
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दादरी एसडीएम रविवार देर रात 12 बजे गोशाला का निरीक्षण करने पहुंच गए। एसडीएम ने बताया कि गोशाला में कुल 325 गोवंश है। मौके पर 6 गोवंश बीमार मिले। गोशाला प्रबंधन कमेटी से पता चला कि गोवंश पिछले पांच दिन से बीमार हैं। बीमारी का कारण मौसम में बदलाव को बताया गया। सभी का इलाज पशु चिकित्सक कर रहे थे। एक सप्ताह के चारे की व्यवस्था मिली। गोशाला में कोई कमी नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि उनके निरीक्षण तक कोई गोवंश नहीं मरा था। डॉक्टरों की टीम बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सपा नेता ने की कार्रवाई की मांग
वहीं सपा के जिला महासचिव श्याम सिंह ने सरकार से गोशाला प्रकरण में संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि गोशाला का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। बजट में भी हेराफेरी की जा रही है। दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, सितंबर 2020 में भी ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर गोशाला में कई गोवंश के मरने का आरोप लगाया था।
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