नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले चार गिरफ्तार
बेरोजगार युवकों से दस्तावेज लेकर बैंकों में खुलवा रहे थे खाता
सेक्टर-63 में कंपनी खोलकर कर रहे थे फर्जीवाड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली सेक्टर-63 पुलिस ने गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगार युवकों से दस्तावेज लेकर बैंकों में खाता खुलवाते थे और इन खातों का इस्तेमाल साइबर क्राइम की ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए करते थे। पुलिस इस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
आरोपियों की पहचान मधु विहार निवासी अजय कुमार, निठारी निवासी नरेश चंद्र गुप्ता, बुलंदशहर निवासी जावेद खान और ग्रेनो वेस्ट निवासी सिद्घार्थ के रूप में हुई है। सिद्घार्थ इस गिरोह का सरगना है। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए एजेंट रखते थे और ये एजेंट कमीशन पर काम करते हुए ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को बुलाते थे। आरोपी युवकों से रजिस्ट्रेशन फीस लेते थे और दस्तावेज रखवा लेते थे। कुछ दिन बाद बैंक में खाता खुलवाने के लिए बुलाते थे। बेरोजगार युवकों के नाम पर खोले गए खाते का इस्तेमाल साइबर क्राइम में किया जा रहा था। इन खातों से करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की जानकारी मिली है। आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लैपटाॅप, एक प्रिंटर, 1 बायोमीट्रिक मशीन, 1 रैटिना स्कैनर, 1 थंब स्कैनर, 1 कैमरा, 6 फर्जी आधार कार्ड, 2 फर्जी पैन कार्ड व एक बाइक बरामद की है।
40 खातों को कराया फ्रीज
पुलिस की टीम ने अब तक 40 खातों को फ्रीज कराया है और अन्य खातों की जांच कर रही है। गिरोह का सरगना सिद्घार्थ है जो कई महीनों से संचालन कर रहा था। अजय व नरेश गुप्ता बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ग्रामीण इलाकों से नोएडा लाते थे। जावेद उनके दस्तावेज लेकर बैंक के एजेंटों के जरिए खाते खुलवाता था।
100 से अधिक लोगों के साथ ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने 100 से अधिक युवकों के साथ ठगी की है और झांसा देकर उनका बैंक खाता खुलवाया है। आरोपी करीब छह महीने से अधिक समय से ठगी कर रहे थे। ठगी के शिकार अधिकतर लोग एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र से हैं।