होंडा के पूर्व कर्मचारियों ने एक समान भुगतान के लिए किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड कंपनी के बाहर पूर्व कर्मचारियों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि कंपनी ने वीआरएस देने में दोहरा रवैया अपनाया है। 250 से अधिक कर्मचारियों को फरवरी में वीआरएस दे दिया गया। जबकि, कुछ को अक्तूबर में वीआरएस दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों को अलग-अलग भुगतान किया गया। कर्मचारी ने समान भुगतान और राजस्थान प्लांट में नौकरी दिलाने की मांग की है। इस संबंध में डीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारी कंपनी के गेट पर एकत्रित हो गए। वहां से कलेक्ट्रेट तक अपनी मांगों को लेकर पैदल मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्हें ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, राज्यपाल के नाम भी ज्ञापन भेजा है। कर्मचारियों ने बताया कि फरवरी, 2020 में 270 कर्मचारियों को वीआरएस दिया था। तब 50 लाख रुपये की धनराशि दी थी। वहीं, अक्तूबर, 2020 में जिन कर्मचारियों को वीआरएस दिया गया है, उन्हें 67 लाख रुपये दिए गए है। जो गलत है। पहले कर्मचारियों को इससे करीब 23 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों ने समान धनराशि देने और राजस्थान के प्लांट में सेवा समाप्त होने तक नौकरी देने की मांग की है। वहीं, कंपनी प्रबंधन का कहना है कि सभी आरोप असत्य और आधारहीन है। कंपनी की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है। कंपनी ने किसी भी कर्मचारी को निष्काषित नहीं किया है। कंपनी ने वीआरएस देने में कानून का पालन किया है। कंपनी की तरफ से जिला प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष भी रखा गया है।