फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व ओएसडी की पत्नी का भाई गिरफ्तार, यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ के जमीन घोटाले का है मामला

Wed, 19 Dec 2018 04:22 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
घोटाला - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

यमुना प्राधिकरण में 126 करोड़ के जमीन घोटाले के मामले में पुलिस ने सोमवार को पांचवें आरोपी पूर्व ओएसडी वीपी सिंह के साले संजीव कुमार को कासना कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। छह दिन में ये चौथी गिरफ्तारी व पूरे प्रकरण में पूर्व सीईओ आईएएस पीसी गुप्ता समेत छठी गिरफ्तारी है। 

विज्ञापन


सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम निशांक शर्मा ने बताया कि संजीव अधिवक्ता है और घोटाले में शामिल रहीं तीन कंपनियों का निदेशक है। संजीव ने घोटाले की जमीन में 70 लाख रुपये निवेश किए थे। उसके नाम आठ बैनामे किए गए जिसका मोटा मुआवजा लिया था। पुलिस ने आरोपी को मेरठ की भ्रष्टाचार निवारण अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। 

मामले में अभी लगभग 30 आरोपी फरार हैं। 3 जून को कासना कोतवाली में पीसी गुप्ता समेत 21 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जांच में छह कंपनियों समेत कई और लोगों के नाम सामने आए थे। पुलिस ने हाल ही में डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक सतेंद्र चौहान, रमेश बंसल और सत्येंद्र को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए छठे आरोपी गांव धमैड़ा (बुलंदशहर) निवासी अधिवक्ता संजीव को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वीपी सिंह की मदद से ही वह घोटाले में शामिल हुआ।
विज्ञापन


पीसी गुप्ता के बाद दूसरी बड़ी गिरफ्तारी  
संजीव डाटा इंफ्राट्रेक्चर प्रा.लि., एएनजी व हिमालया कंपनी का निदेशक है। संजीव की गिरफ्तारी को पीसी गुप्ता के बाद दूसरी बड़ी गिरफ्तारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी इस केस में अभी कई बड़ी गिरफ्तारी होना बाकी है। इनमें पूर्व ओएसडी वीपी सिंह भी शामिल हैं। पुलिस ने पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता को 22 जून को मध्यप्रदेश के दतिया से गिरफ्तार किया था। उनकी हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें