सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट में निवेश पर मुनाफे का विज्ञापन देखकर निवेश किया था, सारी बचत डूबी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सोशल मीडिया पर शेयर मार्केट में निवेश पर मोटे मुनाफे की जाल में फंसी महिला के 5.60 करोड़ रुपये डूब गए। जालसाजों ने पीड़िता से निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ये रुपये ट्रांसफर कराए। सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में महिला ने केस दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि वह मौजूदा समय में नौकरी नहीं कर रही हैं। इसके पहले वह आईटी कंपनी में मैनेजर थीं। ठगी में गई धनराशि उन्होंने बतौर बचत आगे जीवन के लिए रखी थी।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रीना तिवारी (51) ने बताया है कि जुलाई में उनको इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखा था। इसमें शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट से ट्रेनिंग देने का दावा किया गया था। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करने के बाद उनको व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। फिर दिव्या नाम की महिला ने उसने बात की और खुद को निवेश सलाहकार कंपनी का सहायक बताया। निवेश का प्रशिक्षण देने के साथ ज्यादा मुनाफे का लालच दिया।
पीड़िता ने बताया कि ठगों ने उनसे ऐप डाउनलोड कराया गया। बैंक खाता नंबर समेत अन्य जानकारी देने के बाद ऐप पर रीना का खाता चालू कर दिया गया। दूसरी तरफ व्हॉट्सएप ग्रुप में जुड़े दूसरे सदस्य बताए गए तरीके से निवेश पर बड़ा मुनाफा मिलने के स्क्रीन शॉट साझा कर रहे थे। रोज शाम चार बजे प्राजक्त सामंत प्लेटफॉर्म का सीईओ बनकर मीटिंग करता था। उसमें स्टॉक, ओटीसी, म्यूचुअल फंड और आईपीओ के साथ शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देता था। यह सब देखकर रीना को भरोसा हो गया।
एक महीने में निवेश रकम दोगुनी हो गई
15 जुलाई से पीड़िता ने निवेश शुरू किया। 13 अगस्त तक करीब 50 लाख रुपये निवेश किए। यह रकम मुनाफे के बाद करीब एक करोड़ रुपये ऐप पर दिख रही थी। इसके बाद रीना ने और रकम निवेश करने से इन्कार किया। दिव्या ने कहा कि आपकी रकम से 94 लाख रुपये पहले ही आईपीओ में लगा दिए गए हैं। अब पूरी रकम लेने के लिए और निवेश करना ही होगा। आगे की जानकारी के लिए ग्राहक सेवा प्रतिनिधि का नंबर दिया। उसने रीना को 10 हजार रुपये वापस निकलवाकर भी दिखाए। उसके बाद पीड़िता ने 10 लाख रुपये और निकालने चाहा तब ठगों ने कहा कि गलत प्रयास से उनका 20 करोड़ रुपये का वीआईपी चैनल और खाता फ्रीज हो गया है। अब पूरी रकम मुनाफे के साथ वापस पाने के लिए 2 करोड़ रुपये का निवेश करना ही होगा। ऐसा न करने पर कानूनी केस व अन्य धमकियां भी पीड़िता को दी गई। इस तरह धीरे-धीरे करके उनसे 5.60 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में मांग लिए गए। इसके बाद भी जब जालसाजों की मांग बंद नहीं हुई तब महिला को संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
एडीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि कितने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई है। ठगी में गई रकम को फ्रीज कराने के लिए भी कोशिश जारी है।