नजीबाबाद- समन्वयक बैठक में भाग लेते वनाधिकारी। स्रोत-विभाग
नजीबाबाद। वन्य जीव अपराध एवं वन्य जीव संरक्षण के अंतरराज्यीय समन्वयक बैठक में सूचना तंत्र को विकसित करने और समन्वय की भावना से काम करने का वनाधिकारियों ने फैसला लिया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की वन विभाग टीमें अभियान के लिए संयुक्त गश्त और पैदल मार्च के माध्यम से अभियान चलाएंगी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड वन एवं टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की समन्वयक बैठक में बिजनौर सहित उत्तराखंड के वनाधिकारियों ने वन्य जीव अपराध और वन संरक्षण के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा की। वनाधिकारियों ने प्रदेश सीमा पर सुरक्षा और गश्त को प्रभावी बनाने, समन्वय की भावना से अपराधों के खुलासे और अपराधियों तक पहुंचने की बात कही।
कोटद्वार रिसेप्शन सेंटर पर आयोजित बैठक में बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद से उप वन संरक्षक अभिनव राज और कालागढ़ के वनाधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने अमानगढ़ रेंज में बाघ की हडि्डयां और नाखून मिलने के बाद वन्य अपराध नियंत्रण ब्यूरो और कार्बेट टाइगर रिजर्व की टीम के साथ अपराध के खुलासे पर अपराधियों की गिरफ्तारी संभव होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समन्वय टीम से ही खुलासा हो पाया।
कालागढ़ रिजर्व टाइगर के उप वन संरक्षक तरुण श्रीधर, कार्बेट टाइगर रिजर्व रामनगर के उप निदेशक राहुल मिश्रा और लैंसडौन कोटद्वार के उप वन संरक्षक जीएम दगाडे ने वन्य जीव अपराध को रोकने और वन जीवों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास पर बल दिया।
सर्वसम्मति से दोनों प्रदेशों के अधिकारियों ने संयुक्त गश्त का रोस्टर सिस्टम बनाने, रियल टाइम सूचनाओं का आदान प्रदान करने सहित विभिन्न कार्य योजनाओं पर सहमति व्यक्त की। बैठक में वनाधिकारियों बिंदरपाल, शिप्रा वर्मा, अरवन बोस, नंदकिशोर, रूवाली, आशीष मोहन तिवारी ने भाग लिया। संवाद