ग्रेटर नोएडा। प्रदेशभर में लोकनिर्माण व स्वास्थ्य विभाग में किए गए तबादलों के विवाद के बीच औद्योगिक विकास प्राधिकरणों से भी अफसरों और कर्मचारियों को कार्यमुक्त करना शुरू कर दिया गया है। बुधवार देर रात औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के आदेश के बाद ग्रेनो प्राधिकरण ने दशकों से जमे 21 अधिकारी-कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया। सभी को तत्काल प्रभाव से नया कार्यभार संभालने के लिए कहा गया है।
योगी सरकार के पिछले कार्यकाल में प्राधिकरणों में दशकों से कुंडली मारे अधिकारियों की काफी शिकायतें मिलीं थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तबादलों के रास्ते खोल दिए, लेकिन कुछ दागदार तो कुछ पहले वाली सरकार के नजदीकी अधिकारी-कर्मचारी अभी तक एक जगह जमे हुए थे। ऐसे में योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के औद्योगिक विकास मंत्री नंदी ने नोएडा-ग्रेनो-यमुना प्राधिकरणों में 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले कर दिए।
साथ ही, ग्रेनो प्राधिकरण के नवीन कुमार जैन, गौरव बंसल और निमिषा शर्मा को गड़बड़ियों पर निलंबित कर दिया। इसके अलावा योजना विभाग में तैनात वरिठ प्रबंधक मीना भार्गव का तबादला कर दिया। यह तबादले करीब एक माह पहले किए गए, लेकिन आला अफसरों ने स्टाफ की कमी बताकर इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया। अब लखनऊ में जैसे ही तबादलों पर घमासान मचा तो रात में औद्योगिक मंत्री का आला अधिकारियों के पास फोन घनघनाया और इन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया।
इन्हें किया गया कार्यमुक्त
श्यौदान सिंह वरिष्ठ प्रबंधक, ब्रह्म सिंह प्रबंधक, सुभाष चंद्रा प्रबंधक, मनोज कुमार प्रबंधक, अख्तर अब्बास जैदी सहायक प्रबंधक, सुभाष कुमार सहायक प्रबंधक, पंकज तिवारी सहायक प्रबंधक, सीके त्रिपाठी उप महाप्रबंधक, सुमन भंडारी प्रबंधक, प्रबुद्ध गौतम प्रबंधक, जगदीश चंद्र लोबियाल प्रबंधक, खान बसी प्रबंधक, कैलाश चंद्र भाटी प्रबंधक, सहायक प्रबंधक वैभर नागर, जितेंद्र कुमार यादव सहायक प्रबंधक, महेंद्र पाल सिंह लेखाकार, टेकचंद कनिष्ठ सहायक, सुदेश कुमार पाठक कनिष्ठ सहायक, मोइन अहमद कनिष्ठ सहायक, मुनीश कुमार कनिष्ठ सहायक, राजीव कुमार वरिष्ठ प्रबंधक आदि।
अभी भी कई अधिकारी जमे
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि महाप्रबंधक एके अरोड़ा समेत कई अधिकारी और कर्मचारियों को अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इसके पीछे कार्य प्रभावित होने की बात की जा रही है।