-30 प्रतिशत तक हुई बढ़ोतरी, ठेकेदारों ने भूसे की दर में संशोधन की रखी मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आम आदमी को प्रभावित कर रही महंगाई अब बेजुबानों के लिए भी मुश्किल खड़ी कर रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से गौशालाओं में रखे गए गौवंश के लिए चारे की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इससे गौवंश की देखभाल पर प्राधिकरण का खर्च भी बढ़ेगा।
ग्रेनो प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दिनों चारे की आपूर्ति में दिक्कतें आ रही थीं। जांच में पता चला कि आपूर्तिकर्ता एजेंसी को ही पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है। उत्पादन कम और मांग अधिक होने से हरा चारा और भूसा महंगा हो गया है। एथेनॉल के लिए गन्ने की खेती बढ़ने और धान की पुआल का प्लाईवुड व पैकेजिंग जैसे उत्पादों में इस्तेमाल बढ़ने से भी इसकी उपलब्धता प्रभावित हुई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार गौतम ने बताया कि फिलहाल केवल हरे चारे की दरें संशोधित की गई हैं। हरा चारा पहले 4.50 रुपये प्रति किलोग्राम में मिलता था, जिसकी कीमत अब बढ़कर छह रुपये हो गई है। भूसा 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। इसकी दर अभी नहीं बढ़ाई गई है। आपूर्ति प्रभावित रही तो भविष्य में भूसे की कीमत भी संशोधित करनी पड़ सकती है।
इनसेट
ग्रेटर नोएडा में दो गौशालाएं
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की दो गौशालाओं की कुल क्षमता 2000 गौवंश की है। जलपुरा गौशाला में 1500 और पौवारी गौशाला में 500 गौवंश रखने की क्षमता है। वर्तमान में करीब 1800 गौवंश की देखभाल प्राधिकरण कर रहा है। इसके लिए रोजाना हरे चारे की जरूरत होती है, जबकि एक से दो महीने का भूसे का स्टॉक रखा जाता है।