-सब्जी की फसल नष्ट, धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
जेवर। यमुना नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही किसानों ने राहत की सांस ली है। खेतों से पानी उतरने लगा है। कई जगह खेतों से पानी निकल गया है। हालांकि धान और सब्जियों की फसल के नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि सब्जी की फसल खत्म हो गई होगी। धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने पर डूब क्षेत्र जलमग्न हो गया था। जेवर क्षेत्र के कानीगढ़ी, लुलगढ़ी, झुप्पा, छोटा झुप्पा, पुरननगर, गोविंदगढ़, शमशमनगर और करौल गांवों में हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसल भी डूब गई थी, लेकिन अब जल स्तर कम होने पर पानी उतर रहा है तो किसान फसल को लेकर चिंतित है। धान की अधिकांश फसल डूबने के कारण खराब होने के कगार पर है, जबकि बाजरा और सब्जियों की फसल पर भी संकट बना हुआ है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि पानी जल्दी निकल जाए तो कुछ फसलें बच सकती हैं।
गांव गोविंदगढ़ के किसान विष्णु का कहना है कि जलस्तर घटने से थोड़ी राहत है, लेकिन नुकसान बहुत हो चुका है। अगर पानी पूरी तरह निकल गया तो फसलें कुछ हद तक बच सकती है। वहीं पुरननगर के किसान रामकिशोर ने बताया कि सब्जियों की फसल पानी में ज्यादा देर तक रहने से गलने लगी है। जेवर तहसील के तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को मदद पहुंचाई जा रही है।