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Noida News: बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद भी घरों में डटे हैं लोग

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- 15 से अधिक गांवों में फसलें पूरी तरह से डूबी,
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी/रबूपुरा/दनकौर। हरियाणा के यमुनानगर में हथिनीकुंड बैराज से सोमवार को 7 घंटे तक छोड़े गए करीब तीन लाख क्यूसेक पानी का असर बुधवार दोपहर तक गौतमबुद्ध नगर में दिखा। यमुना सिटी के जेवर, रबूपुरा और दनकौर के गांवों में जलस्तर बढ़ता जा रहा है। कानीगढ़ी, झुप्पा, शमशम नगर, मेहंदीपुर में बाढ़ का असर अधिक दिख रहा है। दनकौर के लतीफपुर गांव में तालाब तक और मकनपुर खादर गांव में बांध तक पानी आ गया है। मकनपुर खादर गांव में करीब 6 घरों की दीवारों तक पानी पहुंच गया है, लेकिन अभी भी लोग घरों में रह रहे हैं। वहीं 15 से अधिक गांवों मे फसलें पूरी तहर बाढ़ में डूब गईं हैं।
बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मियों ने लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। किसान बबली व अशोक ने बताया कि धान की फसल खराब हो गई है। अब गांव में पानी आने का डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि यहां बनाया गया राहत शिविर में केवल नाम के लिए टेंट लगा दिया गया है। कोई सुविधा नहीं होने के कारण लोग अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
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जेवर क्षेत्र में लोगों ने डूब क्षेत्र में अपने अस्थायी निर्माण बना लिए थे। बंधे तक पानी आने के चलते प्रशासन ने इन स्थानों को खाली करा लिया गया है। रबूपुरा क्षेत्र में भी फलेदा बांगर, चंडीगढ़, अनवरगढ़, कादलपुर, मेहंदीपुर, पलामू, बेगमाबाद और जहानाबाद के डूब क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस आया है। इसी तरह से दनकौर के भी यमुना किनारे गांवों में यही स्थिति बनी हुई है।
किसानों को नुकसान
यमुना नदी इन दिनों अपने रौद्र रूप में बह रही है। ऐसे में डूब क्षेत्र में जिन किसानों ने अपनी फसलों को बोया था। उनको नुकसान उठाना पड़ रहा है। खेतों में तीन से चार फुट तक पानी घुस गया है। बाढ़ में धान, सब्ज़ी और पशुओं के चारे की फसलें डूब गई हैं।

500 से अधिक लोगों के लिए फलेदा के स्कूल में बनाया राहत शिविर
जेवर तहसील क्षेत्र में पांचों बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। धीरे-धीरे जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है लेकिन हालात पर प्रशासन की नजर है। फलेदा के जूनियर हाईस्कूल में बनाए गए राहत शिविर में 500 से 1000 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। यहां पर बिस्तर, पानी आदि की व्यवस्था की गई है। ओम प्रकाश पासवान, जेवर तहसीलदार
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डेढ़ लाख क्यूसेक रहा बहाव
एक सितंबर को हथिनीकुंड बैराज से अधिकतम तीन लाख 27 हजार क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया था। बुधवार को भी करीब डेढ़ लाख क्यूसेक बहाव की स्थिति बनी हुई है। यमुनानगर से गौतमबुद्ध नगर तक करीब 72 घंटे में बाढ़ का पानी पहुंचता है। ऐसे में बुधवार को सबसे अधिक बहाव के चलते जेवर के कानीगढ़ी, झुप्पा से सबसे अधिक प्रभावित रहे।
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