पुणे निवासी ने 2014 में जमा किए थे 2.80 लाख रुपये
जिला उपभोक्ता आयोग
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। फ्लैट के आवंटन के बाद निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं होने पर यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण को छह फीसदी ब्याज समेत 30 दिनों में आवंटियों को धनराशि लौटानी होगी। पुणे निवासी ओमवीर सिंह को 880 वर्ग फुट का फ्लैट सेक्टर-22ए में आवंटित किया गया था। उन्होंने 2014 में पंजीकरण धनराशि 2.80 लाख रुपये जमा कराई थी, लेकिन निर्धारित अवधि में प्राधिकरण ने फ्लैटों का निर्माण नहीं कराया। विकल्प-2 का चुनाव करते हुए उन्होंने 13 अक्तूबर, 2017 को ब्याज समेत धनराशि को समेत वापस करने की मांग की। इसके बाद भी प्राधिकरण ने धनराशि वापस नहीं की।
इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। प्राधिकरण ने आयोग को बताया कि 4 जुलाई 2015 को आवंटन धनराशि 5,58,800 रुपये जमा करने थे, जो उन्होंने नहीं किए। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता की धनराशि जब्त न होने की हालात में 2017 में प्राधिकरण ने धनराशि वापस करने का विकल्प दिया था, जिसका आवंटी ने चयन किया था। धनराशि वापस नहीं करना सेवा में कमी है।