बिसरख कोतवाली पुलिस की हिरासत में आरोपी ।
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पांच बदमाशों ने की थी ज्वेलर्स की दुकान में लूट की कोशिश
ग्रेटर नोएडा। बिसरख कोतवाली पुलिस ने छपरौला में लूट का विरोध करने पर ज्वेलर को गोली मारने की वारदात का खुलासा कर दिया। मामले में एक आरोपी बुलंदशहर के सलैमपुर निवासी विपिन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि 9 अक्तूबर को सुरक्षाकर्मी से रायफल लूटने वाले तीन बदमाशों ने दो साथियों के साथ सुनार सनी वर्मा की दुकान में वारदात की थी। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि छपरौला में एक अक्तूबर को बदमाशों ने ज्वेलर्स की दुकान में लूट की कोशिश की थी। बदमाशों ने ज्वेलर सनी वर्मा को गोली मार दी थी। वारदात के वक्त बदमाश सीसीटीवी में कैद हो गए थे। वहीं, इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। आरोप था कि बदमाश लूट के इरादे से दुकान में घुसे और विरोध पर सनी को गोली मारकर घायल कर दिया। मंगलवार को बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान की टीम ने मामले में आरोपी विपिन को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक, हेलमेट आदि बरामद किए हैं। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने पूर्व में ग्रेनो वेस्ट में चेन लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। उसके पास से 7200 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल तीन बदमाशों को 9 अक्तूबर को रायफल लूट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विपिन चौथा आरोपी थी। वहीं, पांचवां आरोपी मध्यप्रदेश के भिंड निवासी दीपक फरार है। आलाधिकारियों ने उसको गिरफ्तार करने वाली टीम को 25000 नकद इनाम देने की घोषणा की है।
आरोपियों से वारदात नहीं उगलवा पाई पुलिस
छपरौला निवासी अधिवक्ता रजनीश यादव का कहना है कि पुलिस चार दिन पहले पकड़े गए बदमाशों से वारदात नहीं उगलवा पाई। सबसे बड़ा सवाल है कि 9 अक्तूबर को पुलिस ने सुरक्षाकर्मी से रायफल लूट के मामले में योगेंद्र उर्फ मेजर, विकास, विशाल को गिरफ्तार कर पूछताछ की, लेकिन ज्वेलर से संबंधित जानकारी नहीं हासिल कर पाई। जबकि, तीनों आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। विपिन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रायफल लूट के आरोपियों के भी वारदात में शामिल होने की जानकारी दी है। अधिवक्ता ने दावा किया कि पकड़े गए आरोपी बाहर के हैं। ज्वेलर के मामले में स्थानीय आरोपी भी शामिल है। हो सकता है कि उसने रेकी कर बदमाशों को सूचना दी हो। पुलिस को इस बिंदु पर भी विचार करना चाहिए।