बांदा। बसों और ट्रेनों में सवारी बनकर चोरी करने वाले गिरोह का चिल्ला पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच अंतरजनपदीय चोरों को पुलिस ने मुठभेड़ कर गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों पर पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह में इटावा के बड़पुरा थाना क्षेत्र के नगला बीरबल गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार जाटव भी शामिल है।
चित्रकूट के सरधुआ थाना क्षेत्र निवासी जितेन्द्र ने 20 अगस्त को चिल्ला थाने में तहरीर दी थी कि बांदा से दोहतरा गांव जाते समय बस में बैठे अज्ञात लोगों ने उसके बैग से सोने आभूषण चोरी हो गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। बुधवार की रात सुहुरपुर मोड़ पर बस से पांच व्यक्ति उतरे, जिनमें तीन पिठ्ठू बैग लिए थे। पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस से खुद को घिरता देख उनमें से एक ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया। पुलिस ने औरैया के जैतापुर गांव निवासी शिवकुमार, इटावा के बड़पुरा थाना क्षेत्र के नगला बीरबल गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार जाटव, इटावा के चकरनगर थाना क्षेत्र के रनिया खजीरी गांव निवासी अमर सिंह, मध्य प्रदेश के ग्वालियर जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र के डबरा गांव निवासी मुन्ना वर्मा, झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के गोपालगंज निवासी दीनदयाल कोरी को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सोने-चांदी के जेवर व तीन तमंचा 315 बोर के बरामद किए गए हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 13 अगस्त को बांदा से चिल्ला की ओर जाने वाली बस में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य सामान्य सवारियों की तरह बसों और ट्रेनों में सफर करते थे। सफर के दौरान यह अपराधी महिला यात्रियों को चिह्नित कर उनके बैग व अन्य सामान पर नजर रखते थे। मौका पाकर वह रुपये और जेवरात चोरी करके भाग निकलते थे।
शिवकुमार पर झांसी और आगरा में नौ मुकदमे, अमर सिंह के खिलाफ इटावा, रायबरेली व झांसी में 10 मुकदमे, दीनदयाल कोरी के खिलाफ झांसी व आगरा में चार मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी टीम में चिल्ला थाना इंस्पेक्टर संदीप तिवारी, एसआई उत्कर्ष सिंह, रामू यादव, भूपेंद्र सिंह, कलाम अब्बासी, शनि कुमार वर्मा, नागेंद्र सिंह, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि दर्ज रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोर गैंग का खुलासा किया गया।