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Noida News: पहले साथियों को करें रिहा, तब करेंगे प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता

Fri, 16 Jun 2023 01:20 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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पहले साथियों को करें रिहा, तब करेंगे प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता
-धरने पर बैठे किसानों ने रखी शर्त, धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा
-कांग्रेस और सपा के प्रदेश स्तर के नेताओं का प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण पर धरने के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज कर जेल भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से वार्ता के लिए न्यौता आ रहा है, लेकिन शर्त यह है कि पहले जेल से उनके साथियों को बिना शर्त रिहा किया जाए। धरने पर बृहस्पतिवार को कांग्रेस के नेताओं का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। उन्हाेंने किसानों से बातचीत करके पूरी व्यथा सुनी। इसके बाद कांग्रेसियों ने कहा कि अब उनके बड़े नेता शुक्रवार को धरने पर पहुंचकर प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता करेंगे। उधर, सपा का प्रतिनिधि मंडल भी धरने पर आएगा।
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कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री डाॅ. संजीव शर्मा, किसान कांग्रेस के संयोजक अजय चौधरी, दादरी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी दीपक चोटीवाला, रघुराज भाटी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम नागर, उदय नागर, अजय भाटी और जिलाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। उन्होंने धरने पर बैठे किसानों को बताया कि शुक्रवार को उनके प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचेगा। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृज लाल खाबरी, प्रांतीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, कांग्रेस नेता अनिल अवाना समेत पदाधिकारी पहुंचेंगे। वह किसानों की मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से बात करने का प्रयास करेंगे। उधर, शुक्रवार को सपा नेताओं का भी एक प्रतिनिधि मंडल धरने पर पहुंचेगा। वहीं, सान सभा के पदाधिकारियों के साथ कई समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारी धरना स्थल पर जमे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक किसानों को बिना शर्त जेल से रिहा नहीं किया जाएगा तब तक कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
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किसानों की मांगें

-किसानों को जेल से बिना शर्त रिहा किया जाए
-किसानों पर दर्ज किए मुकदमें मे वापस लिए जाए
-नए जमीन अधिग्रहण कानून से मुआवजा मिले
-आबादी के मामले का निस्तारण किया जाए
-गांवों में लटके हुए लीजबैक प्रकरणों को निपटाया जाए
-भूमिहीनों को 120 वर्गमीटर का प्लॉट दिया जाए
-किसानों के छह फीसदी और 17.5 फीसदी प्लॉट को बहाल किया जाए
-किसानों के छह फीसदी भूखंड को बढ़ाकर 10 फीसदी किया जाए
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