आतिशबाजी के धुएं ने हवा में घोला जहर
ग्रेटर नोएडा/नोएडा। दिवाली पर लोगों की मनमानी ने हवा को जहरीला बना दिया। सरकारी दावों और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को दरकिनार कर लोगों ने रोक के बावजूद जमकर पटाखे जलाए। इससे रविवार को सुबह धुंध और जहरीली हवा में घुटन भरी सांस लेने के लिए लोग मजबूर हुए। नोएडा धुंध की चादर में लिपटा रहा। दोपहर तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण डार्क रेड जोन में पहुंच गया, लेकिन शाम को हवा ने वातावरण को अच्छा बना दिया। सोमवार को भी बारिश की संभावना है। ऐसे में उम्मीद है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 300 से नीचे आ जाएगा।
दरअसल, हर साल सर्दी शुरू होने के साथ ही दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है। इस साल भी 15 अक्तूबर के बाद से हवा बेहद जहरीली होती जा रही है। आसमान में एक माह से स्मॉग को देखते हुए जिला प्रशासन और प्राधिकरण ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पालन कराने में लगे थे, लेकिन कोई असर नहीं दिख रहा था। आखिरी उम्मीद हवा और बारिश ही बची थी। दिवाली पर जमकर जले पटाखों के कारण स्थिति और बिगड़ गई। वायु प्रदूषण बढ़ा, लेकिन रविवार शाम हवा चलने और बारिश होने के बाद लोगों को राहत मिली। करीब 15 से 20 मिनट तक बारिश हुई। हालांकि, इसका असर वायु गुणवत्ता सूचकांक पर सोमवार को देखने को मिलेगा। यूपीपीसीबी को उम्मीद है कि एक्यूआई 300 के करीब आ जाएगा।
441 पहुंच गया था नोएडा का एक्यूआई बारिश से पहले
आतिशबाजी के कारण नोएडा-ग्रेनो की हवा बेहद खराब हो गई। रविवार शाम चार बजे नोएडा का एक्यूआई 441 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 417 दर्ज किया गया जो सुबह के समय 450 के अधिक था। देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में नोएडा चौथे और ग्रेटर नोएडा नौवें स्थान पर रहे। दिल्ली एनसीआर में नोएडा दूसरे नंबर पर रहा।
तीन दिन पहले 305 था नोएडा का एक्यूआई
बृहस्पतिवार शाम चार बजे नोएडा का एक्यूआई 305 था जो शुक्रवार को 337, शनिवार को 425 और रविवार को 441 पहुंच गया। जबकि ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई बृहस्पतिवार को 327, शुक्रवार को 336, शनिवार को 394 और रविवार को 417 रहा। दोनों शहर एक बार फिर रेड जोन से डार्क रेड जोन में पहुंच गए।
यूं बदले हालात
शनिवार आधी रात से ही हालात खराब होते चले गए। लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हुई। खासकर दमा, सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई। सुबह तक हालात ऐसे रहे कि लोग बालकनी तक में खड़े नहीं हो पा रहे थे। पूरा इलाका स्मॉग में लिपटा नजर आया।
शनिवार को स्थिति (शाम चार बजे)
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 456
नोएडा 425
दिल्ली 414
ग्रेटर नोएडा 394
फरीदाबाद 378
गुरुग्राम 358
रविवार को स्थिति (शाम चार बजे)
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 448
नोएडा 441
दिल्ली 435
गुरुग्राम 425
ग्रेटर नोएडा 417
फरीदाबाद 414
प्रदूषण ने तोड़ा पिछले साल का रिकार्ड
पिछले साल पटाखों पर आंशिक बैन लगा था। निश्चित समयावधि तक लोगों को पटाखे जलाने की अनुमति थी। पिछले साल दिवाली के दूसरे दिन नोएडा का एक्यूआई 356 था, जो लगातार कुछ दिन तक बढ़ता रहा था। तब दिवाली के बाद एनसीआर में सबसे अधिक एक्यूआई नोएडा का ही था। इस साल पटाखों पर पूरी तरह रोक के बाद भी लोगों ने नियमों को ताक पर रख मनमानी की। रातभर की सेक्टरों, सोसाइटियों में पटाखे जले। नतीजतन शहर की हवा पिछले साल की तुलना में बहुत अधिक जहरीली हो गई।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रविवार की शाम से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है जो प्रदूषण से राहत दिलाने में मददगार है। कुछ क्षेत्रों में शाम को तेज हवाएं चलीं। कुछ स्थानों पर अच्छी खासी बारिश हुई।
स्थानीय स्तर पर प्रदूषण रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। लोगों से अपील है कि वह प्रदूषण कारक तत्वों से दूर रहें।
- प्रवीण कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
नोएडा के सेक्टर-44 स्थित ऐसोटेक बिल्डिंग से ली गई तस्वीर में छाया प्रदूषण।