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Noida News: देवदूत बनकर पहुंचे अग्निशमन कर्मी, बिल्डिंग में फंसे लोगों को बचाया

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पायलेट ओमप्रकाश
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- मामूरा अग्निकांड में धुएं और लपटों के बीच जान जोखिम में डालकर निभाया फर्ज
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-66 स्थित मामूरा की पीजी में लगी भीषण आग के दौरान जब चारों ओर धुआं, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, तब अग्निशमन विभाग के जवान वहां मौजूद लोगों के लिए किसी देवदूत से कम साबित नहीं हुए। आग और जहरीले धुएं से घिरे भवन में बिना अपनी जान की परवाह किए इन फायरमैनों ने एक के बाद एक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप चौबे ने बताया कि अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने चारों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है।
फायरमैन महमूद : कंधों पर उठाकर बचाई महिला की जिंदगी
फायरमैन महमूद ने आग और जहरीले धुएं से घिरे भवन में ब्रीदिंग अपरेटस (बीए) सेट पहनकर ऊपरी मंजिल तक पहुंचने का जोखिम उठाया। वहां एक महिला बेहोश हो चुकी थी। महमूद ने बिना अपनी जान की परवाह किए महिला को अपने कंधे पर उठाया और सुरक्षित नीचे लेकर आए। इसके बाद तत्काल एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल भेजा गया।
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फायरमैन अंशुल : धुएं के बीच निभाई साथी की जिम्मेदारी
बचाव अभियान के दौरान फायरमैन अंशुल ने महमूद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। सीमित दृश्यता और दमघोंटू माहौल के बावजूद अंशुल लगातार सक्रिय रहे। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कार्रवाई में महमूद का सहयोग किया और अन्य फंसे लोगों तक पहुंचने में भी अहम भूमिका निभाई।
फायरमैन विकास बाबू : आग पर काबू पाने में निभाई अहम भूमिका
फायरमैन विकास बाबू ने बचाव के साथ-साथ उन्होंने आग को फैलने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किए। जिससे भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रास्ता बन सका। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने संयम बनाए रखा और अपनी जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी से निर्वहन किया।
फायरमैन साहिल : संकट की घड़ी में निभाया मानवता का धर्म
फायरमैन साहिल ने आग और धुएं के बीच उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर नियंत्रण पाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चुनौतीपूर्ण हालात में भी उन्होंने बिना घबराए अपनी जिम्मेदारियों को निभाया।
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मौके पर भेजी गई थीं 6 एंबुलेंस
एंबुलेंस सेवा 108, 102 जिला प्रभारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही 6 एंबुलेंस मौके पर भेजी गई थीं, इसके अलावा तीन अन्य एंबुलेंस भी तैयार रखा गया था। कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया। आग से झुलसे लोगों को बर्न केयर देने के साथ ही स्टेबलाइजेशन देने के बाद नजदीकी अस्पताल के लिए ले गए। इसके अलावा पानी और ओआरएस का घोल भी दिया गया। इनमें आलोक कुमार, जितेंद्र, संजय और ओमप्रकाश का योगदान अहम रहा।

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