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Noida News: छह मिनट में भूतल से पांचवीं मंजिल तक पहुंची आग और धुआं, बिल्डिंग में मची चीख-पुकार

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- मामूरा के गली नंबर-2 स्थित एनसीआर पीजी एंड फ्लैट में हादसा, जान बचाने के लिए कई छत से कूदे, हाइड्रोलिक सीढिय़ों से भी कइयों को बचाया
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मामूरा के गली नंबर-2 स्थित एनसीआर पीजी एंड फ्लैट में बुधवार को लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग और उससे निकला घना धुआं करीब छह मिनट के भीतर भूतल से पांचवीं मंजिल तक पहुंच गया।
आग और धुआं फैलते ही इमारत में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए लोग कमरों से बाहर भागे। कई लोग छत पर पहुंच गए जबकि कुछ ने घबराकर नीचे छलांग लगा दी। दमकल कर्मियों और पुलिस ने सीढि़यां लगाकर बड़ी संख्या में लोगों को पड़ोसी इमारत के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 80 से अधिक कमरों वाले इस पीजी में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा युवक-युवतियां और परिवार रहते थे।
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धमाके से नींद खुली, कुछ मिनट में पूरा भवन धुएं से भर गया
इसी इमारत में रहने वाले सुशांत दुबे सेक्टर-67 स्थित निजी कंपनी में कॉलिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह अपने कमरे में सो रहे थे। धमाके की आवाज सुनकर उनकी नींद खुल गई। बाहर निकलकर देखा तो ग्राउंड फ्लोर से आग की लपटें उठ रही थीं और तेजी से धुआं ऊपर की ओर फैल रहा था। कुछ ही मिनटों में सांस लेना मुश्किल हो गया। उन्होंने किसी तरह सीढि़यों तक पहुंचकर अपनी जान बचाई। सुशांत ने कहा कि यदि लोग कुछ मिनट और कमरे में रहते तो बाहर निकलना संभव नहीं होता। आग तेजी से फैलती गई और पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया। लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

करीब दो घंटे तक चला बचाव अभियान
अग्निशमन विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बिल्डिंग में फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई लोगों को खिड़कियों और बालकनियों तक सीढि़यां लगाकर निकाला गया। पड़ोसी इमारत की छत का सहारा लेकर भी कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आग पर काबू पाने के बाद ही लोग अपने कमरों तक पहुंच सके,लेकिन तब तक अधिकांश सामान जल चुका था। अग्निशमन विभाग की टीम ने बचाव अभियान के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया।

आसपास दहशत का माहौल
जहां आग लगी वहां संकरी गलियां हैं। आसपास की सभी बिल्डिंग लगभग इसी तरह की है। हादसे में दो लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने कहा कि दमकल और पुलिस की टीम समय से नहीं पहुंचती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला पीजी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मेरे सामने ही लोग फंसे थे, सामने वाले कमरे की युवती की मौत हो गई
इसी इमारत में रहने वाले दानिश ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। चारों ओर धुआं भर गया और लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। उन्होंने बताया कि उनके सामने ही कई लोग कमरों में फंस गए थे। वह खुद भी बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे। जिस युवती की मौत हुई वह उनके सामने वाले कमरे में रहती थी। उन्होंने कहा कि अगर बचाव में थोड़ी और देर हो जाती तो कई और लोगों की जान जा सकती थी।
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सामान, वाहन और जरूरी दस्तावेज सब राख
आग ने सिर्फ लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि कई परिवारों और युवाओं की वर्षों की जमा-पूंजी भी छीन ली। ग्राउंड फ्लोर पर खड़े 18 से अधिक दोपहिया वाहन पूरी तरह जल गए। कई कमरों में रखा घरेलू सामान, मोबाइल, लैपटॉप, कपड़े, नकदी और अन्य कीमती सामान जल गए। कई छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैंक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी जलगए। पीड़ितों का कहना है कि अब उन्हें दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ेगा।
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